यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा: जालौन में दूसरे दिन भी कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई परीक्षा, 1,214 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित

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जालौन के एक परीक्षा केंद्र पर यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जांच से गुजरते परीक्षार्थी तथा निरीक्षण करते जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा-2025 के दूसरे दिन, मंगलवार को जालौन जनपद में परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में संपन्न हुई। शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। जनपद के सभी निर्धारित 9 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही प्रशासनिक मुस्तैदी देखने को मिली।

​इस दो दिवसीय परीक्षा के दूसरे दिन कुल पंजीकृत 6,528 अभ्यर्थियों में से 5,314 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,214 परीक्षार्थियों ने किन्हीं कारणों से परीक्षा छोड़ दी।

​दो पालियों में विभाजित थी परीक्षा: उपस्थिति के आंकड़े

​परीक्षा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इसे दो पालियों में आयोजित किया गया था। प्रत्येक पाली के लिए प्रशासन द्वारा 3,264 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।

  • प्रथम पाली: सुबह की पाली में कुल 2,629 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, जबकि 635 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए।
  • द्वितीय पाली: दोपहर बाद आयोजित हुई दूसरी पाली में उपस्थिति में थोड़ा सुधार देखा गया। इसमें 2,685 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि 579 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

​जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संभाला मोर्चा

​परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह खुद धरातल पर उतरे। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।

​निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अभ्यर्थियों की प्रवेश द्वार पर की जा रही तलाशी, बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification), फेशियल रिकग्निशन, सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड और कंट्रोल रूम की सक्रियता की सघन समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक के प्रयोग से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मुन्नाभाइयों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

​केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश: लापरवाही पर होगी कार्रवाई

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को सख्त लहजे में निर्देश दिए। उन्होंने कहा:

​”परीक्षा के संचालन में किसी भी स्तर पर थोड़ी सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप इस परीक्षा की शुचिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

​पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग करने तथा परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ को हटाने के निर्देश दिए।

​त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और अभ्यर्थियों के लिए सुविधाएं

​परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और खुफिया एजेंसियों को तैनात किया गया था। परीक्षा कक्ष के भीतर किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल, ब्लूटूथ या स्मार्ट वॉच ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।

​कड़ी सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अभ्यर्थियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा। भीषण गर्मी और मौसम के मिजाज को देखते हुए सभी केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, बैठने के लिए उचित शेड और उचित मार्गदर्शन के लिए सहायता डेस्क (Help Desk) की व्यवस्था की गई थी, जिससे दूर-दराज से आए परीक्षार्थियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। पूरे दिन प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मोबाइल टीमें (Flying Squads) लगातार गश्त करती रहीं, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

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