उरई कलेक्ट्रेट में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर संगठन ने UGC नियमावली की समीक्षा, आर्थिक आधार पर आरक्षण और SC/ST कानून की समीक्षा की मांग उठाई।
उरई(जालौन) : जालौन के उरई स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को सवर्ण संघर्ष संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी समीर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने तीन प्रमुख मांगें उठाते हुए UGC की वर्तमान नियमावली की समीक्षा, आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने तथा SC/ST से संबंधित कानून की समीक्षा की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि UGC की वर्तमान नियमावली से उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के सामने कठिनाइयां उत्पन्न हो सकती हैं। संगठन ने नियमावली पर पुनर्विचार कर उसे वापस लेने की मांग की।
आरक्षण व्यवस्था को लेकर संगठन का कहना है कि इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। ज्ञापन में SC/ST आरक्षण में भी क्रीमी लेयर का प्रावधान लागू करने की मांग रखी गई।
संगठन ने ज्ञापन में SC/ST से संबंधित कानून की समीक्षा की भी मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानून के कथित दुरुपयोग को रोकने और सामाजिक वैमनस्यता कम करने के लिए इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
संगठन कार्यकर्ता कुलदीप सिंह गौर ने बताया कि ज्ञापन राष्ट्रपति को संबोधित है और संगठन ने केंद्र सरकार से तीनों मांगों पर निष्पक्ष एवं व्यापक समीक्षा की अपेक्षा जताई है।
नोट: इस खबर में उल्लिखित मांगें सवर्ण संघर्ष संगठन द्वारा ज्ञापन में उठाई गई हैं। इन्हें संगठन के दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।











