उरई में जलभराव से हाहाकार, मौके पर पहुंचे DM; पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने के निर्देश

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उरई के वार्ड नंबर 6 में जलभराव वाले प्रभावित इलाके का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और अन्य प्रशासनिक अधिकारी।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 6 में इन दिनों जलभराव की गंभीर समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। स्थानीय नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी (DM) राजेश कुमार पांडेय ने खुद मोर्चा संभाला और प्रभावित इलाकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ अपर जिलाधिकारी (ADM), नहर विभाग के तमाम वरिष्ठ अभियंता और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

​खेतों का पानी और नहर ओवरफ्लो बना बड़ी मुसीबत

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि आसपास के खेतों का अतिरिक्त पानी सीधे नहर में आ रहा है, जिससे नहर में भारी दबाव बन गया है। इसके अलावा, नहर के डायवर्ट होने और जगह-जगह हो रहे कटाव के कारण यह ओवरफ्लो होकर रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहा है। पानी की निकासी का उचित मार्ग न होने के कारण वार्ड नंबर 6 की गलियों और मकानों के आसपास जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

​युद्धस्तर पर जल निकासी के निर्देश

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीएम राजेश कुमार पांडेय ने मौके पर मौजूद नहर विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर तीन हाई-पावर पंपिंग सेट लगाए गए हैं, जिनकी मदद से खेतों और रिहायशी क्षेत्र में जमा पानी को वापस नहर में डाला जा रहा है ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।

​अतिक्रमणकारियों पर कसेगा शिकंजा और पक्की होगी नहर

​निरीक्षण के दौरान यह भी बात सामने आई कि नहर के आसपास के क्षेत्र में कई लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है, जिससे पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आ रही है। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि नहर के आसपास किए गए सभी प्रकार के अतिक्रमण को चिन्हित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार की समस्या से हमेशा के लिए निजात पाने हेतु नहर के जीर्णोद्धार और उसे पक्का कराए जाने का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।

​”जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हमारी प्राथमिकता है। नहर के कटाव को रोकने, अवैध अतिक्रमण हटाने और युद्धस्तर पर पंपिंग सेट के माध्यम से पानी निकलवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। क्षेत्र की व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द पूरी तरह सुचारू कर दिया जाएगा।”

— राजेश कुमार पांडेय, जिलाधिकारी, जालौन

​प्रशासन के इस त्वरित और सख्त कदम से स्थानीय नागरिकों में समस्या के जल्द समाधान की उम्मीद जागी है। अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि वे तब तक मौके पर मुस्तैद रहें जब तक जलभराव की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।

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