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जालौन: आसरा कॉलोनी में व्याप्त समस्याओं को लेकर भड़के निवासी; DM को पत्र सौंप उठाई बाउंड्रीवॉल और अवैध आवंटन की जाँच की माँग

जालौन की आसरा कॉलोनी के निवासी जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शिकायती पत्र लेकर प्रदर्शन करते हुए और अपनी समस्याओं को साझा करते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद के चुर्खी रोड स्थित आसरा कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव और सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगने से स्थानीय निवासियों का धैर्य जवाब दे गया है। कॉलोनी में रहने वाले दर्जनों परिवारों ने जिलाधिकारी राजेश पांडेय को एक सामूहिक शिकायती पत्र प्रेषित कर कॉलोनी की बदहाली और वहां पनप रहे अराजक माहौल से अवगत कराया है। निवासियों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते न केवल कॉलोनी की संरचना को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, बल्कि आवंटन के नियमों की भी सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।

​सुरक्षा पर सवाल: अराजक तत्वों का जमावड़ा

​शिकायती पत्र में मुख्य रूप से सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है। निवासियों—मुन्नी देवी, पवन कुमार और कैलाशरानी समेत अन्य—का कहना है कि कॉलोनी के चारों ओर बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) न होने के कारण बाहरी और अराजक तत्व बेधड़क अंदर प्रवेश कर जाते हैं। इससे कॉलोनी की महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा भय का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से माँग की है कि पूरी कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए ताकि अनधिकृत प्रवेश पर अंकुश लग सके।

​सीवर और जलभराव: ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप

​कॉलोनी की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई है। शिकायती पत्र के अनुसार, कॉलोनी के लिए जो सीवर टैंक बनाया गया था, उसे कथित तौर पर ठेकेदार और कुछ पड़ोसियों ने मिलीभगत कर बंद कर दिया है। सीवर चोक होने के कारण गंदगी का अंबार लग रहा है।

​इतना ही नहीं, कॉलोनी के भीतर बनाई गई सीसी रोड (Cement Concrete Road) अब निवासियों के लिए जी का जंजाल बन गई है। आरोप है कि सड़क निर्माण के समय तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई और सड़क की ऊँचाई इतनी अधिक कर दी गई है कि मामूली बारिश में भी सड़क का गंदा पानी लोगों के घरों के भीतर घुस जाता है। इससे न केवल संपत्तियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

​अवैध आवंटन और किरायेदारी का बड़ा खुलासा

​मामले में सबसे गंभीर आरोप सरकारी आवासों के दुरुपयोग को लेकर लगाया गया है। जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि कॉलोनी में कई ऐसे घर हैं, जो असल पात्रों को आवंटित तो हुए हैं, लेकिन वे स्वयं वहां नहीं रहते। इन आवंटित घरों को नियमों के विरुद्ध भारी किराये पर दूसरों को दे दिया गया है।

​निवासियों ने मांग की है कि:

  1. ​पूरे मामले की गोपनीय जाँच कराई जाए।
  2. ​जो लोग सरकारी आवास को व्यावसायिक लाभ (किराये) के लिए उपयोग कर रहे हैं, उनका आवंटन तत्काल निरस्त किया जाए।
  3. ​रिक्त हुए आवासों को उन वास्तविक जरूरतमंदों को आवंटित किया जाए, जो लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

​प्रशासनिक हस्तक्षेप की गुहार

​शिकायतकर्ताओं में मुन्ना इस्लाम, विकास, शरीफन, हरीनारायण, मंगल, पुष्पा, मनु, केशकली, चांदनी, बेबू और फूलारानी जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सभी का एक स्वर में कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का संज्ञान नहीं लिया, तो कॉलोनी में रहना दूभर हो जाएगा। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी राजेश पांडेय इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं और आसरा कॉलोनी के निवासियों को कब तक इन परेशानियों से निजात मिलती है।

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