विश्व क्षय रोग दिवस 2026: जालौन में ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का शंखनाद, 3.15 लाख लोगों की होगी सघन स्क्रीनिंग

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ के संकल्प के साथ पूरे देश की तरह जनपद जालौन में भी विश्व क्षय रोग दिवस 2026 अत्यंत उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्षय रोग (टीबी) के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 24 मार्च से शुरू हुए 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ रहा।
जनप्रतिनिधियों ने टीबी मुक्त ग्राम प्रधानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली जनपद की टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया। विधायक ने प्रधानों का आह्वान करते हुए कहा कि वे इसे केवल एक सरकारी कार्यक्रम न समझकर एक ‘जनआंदोलन’ का रूप दें। उन्होंने बल दिया कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही वर्ष 2026 तक भारत को टीबी से मुक्त करने का सपना साकार हो सकेगा।
मरीजों को पोषण का सहारा, 25 रोगियों को मिली पोषण पोटली
टीबी के खिलाफ जंग में पोषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम के दौरान 25 टीबी रोगियों को ‘पोषण पोटली’ वितरित की गई। यह पहल मरीजों को दवा के साथ-साथ आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो सके और वे जल्द स्वस्थ होकर मुख्यधारा में लौट सकें।
आधुनिक तकनीक से लैस जालौन का स्वास्थ्य तंत्र
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बीरेंद्र सिंह ने जनपद में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का विवरण साझा करते हुए कहा कि जालौन अब टीबी की सटीक और त्वरित जांच के लिए पूरी तरह सुसज्जित है। उन्होंने बताया, “हमारे पास सीबी-नेट (CB-NAAT) और ट्रू-नेट (Truenat) जैसी अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। साथ ही, माइक्रोस्कोपी केंद्रों के माध्यम से टीबी की प्रारंभिक पहचान करना अब और भी आसान हो गया है।”
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में जालौन ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त करते हुए 56 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया था। इसमें 03 ग्राम पंचायतों को गोल्ड, 07 को सिल्वर और 46 को कांस्य पदक से पुरस्कृत किया गया है, जो जनपद की सक्रियता को दर्शाता है।
100 दिवसीय सघन अभियान: 3.15 लाख लोगों पर रहेगी नजर
विश्व क्षय रोग दिवस के साथ ही जनपद में ‘100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान’ का आगाज हुआ। इस महा-अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनपद की लगभग 3.15 लाख उच्च जोखिम वाली आबादी को चिन्हित कर उनकी व्यापक स्क्रीनिंग की जाएगी। इस दौरान एक्स-रे और संदिग्ध मरीजों की NAAT मशीनों से जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि किसी भी स्तर पर चूक न हो।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। समय पर पहचान और पूर्ण उपचार ही टीबी उन्मूलन का सबसे अचूक और प्रभावी अस्त्र है। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य सहित स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य जन मौजूद रहे।







