कुठौंद विकास खंड में छिड़ी ‘लेटर वॉर’: भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच BDO के समर्थन में उतरे दर्जनों प्रधान

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: जनपद के कुठौंद विकास खंड में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों से लेकर पंचायतों तक भारी उथल-पुथल मची हुई है। खंड विकास अधिकारी (बीडियो) पर लगे ‘कमीशनखोरी’ के आरोपों के बाद अब ब्लॉक की राजनीति दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है। ताजा घटनाक्रम में, दर्जनों ग्राम प्रधानों और ठेकेदारों ने लामबंद होकर बीडियो के पक्ष में मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को इस गुट ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के.के. सिंह को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और बीडियो के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई को रोकने की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत सोमवार को हुई थी, जब आधा दर्जन ग्राम प्रधानों ने माधौगढ़ विधायक और भारतीय जनता पार्टी की जिलाध्यक्ष को एक शिकायती पत्र सौंपा था। उस पत्र में खंड विकास अधिकारी पर विकास कार्यों के बदले कमीशन मांगने और भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई थी, जिसे देखते हुए अब बीडियो समर्थक खेमे ने भी अपनी ‘पेशबंदी’ शुरू कर दी है।
बीडियो के समर्थन में उतरा प्रधानों का बड़ा समूह
सीडीओ को सौंपे गए ज्ञापन में प्रधानों ने स्पष्ट किया कि विकास खंड में वर्तमान में जितने भी विकास कार्य चल रहे हैं या लंबित भुगतानों का निस्तारण किया गया है, वह पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी है। प्रधानों का तर्क है कि ब्लॉक प्रशासन की कार्यप्रणाली से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिली है।
ज्ञापन देने पहुंचे प्रधानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि कुछ स्वार्थी तत्व अपनी निजी खुन्नस और अनुचित लाभ न मिलने के कारण विकास खंड की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
‘दबाव बनाकर गलत भुगतान कराने की साजिश’ का आरोप
समर्थक प्रधानों ने शिकायती पक्ष पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जो लोग बीडियो की शिकायत कर रहे हैं, वे दरअसल उन पर अनैतिक दबाव बनाना चाहते हैं। ज्ञापन के अनुसार, कुछ लोग नियमों के विरुद्ध जाकर गलत तरीके से भुगतान कराने की फिराक में थे। जब खंड विकास अधिकारी और उनके स्टाफ ने नियमों की अवहेलना करने से इनकार कर दिया, तो उनके खिलाफ झूठी शिकायतों का सिलसिला शुरू कर दिया गया।
प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य व्यवहार की मुक्त कंठ से सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में ब्लॉक में भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण तैयार हुआ है।
निष्पक्ष जांच की मांग और कार्रवाई का विरोध
मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह को संबोधित ज्ञापन में प्रधानों ने मांग की है कि केवल भ्रामक सूचनाओं या राजनीतिक दबाव के आधार पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने मांग की कि शिकायतों की तह तक जांच हो ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
ज्ञापन देने वालों में ये रहे शामिल
इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान कुठौंद ब्लॉक के प्रभावशाली प्रधानों की मौजूदगी रही, जिनमें मुख्य रूप से:
- अभय (ग्राम पंचायत शहजादेपुर)
- आत्मा देवी (पिपरी गहरवार)
- शैलेंद्र कुमार (करहिया)
- इंदल सिंह (टिकरी)
- मु. अमित कुमार (लहर कनार)
- अखिलेश कुमार (जमालपुर)
- रविंद्र (जखा)
- कुंती देवी (नॉरिजपुर)
इनके अलावा नागेंद्र त्रिपाठी, रघुराज सिंह, उर्मिला देवी, बालेश कुमार, मुन्नी देवी, श्रीकांत दीक्षित, आशा देवी और लोकेश चतुर्वेदी समेत दर्जनों प्रधान और ठेकेदार उपस्थित रहे।
अब गेंद प्रशासन के पाले में है। एक ओर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और दूसरी ओर पारदर्शिता का दावा। देखना होगा कि सीडीओ और जिलाधिकारी इस खींचतान में क्या रुख अपनाते हैं।







