कोंच: थाना समाधान दिवस में सीओ के कड़े तेवर, कहा- ‘जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही अक्षम्य’

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश शासन के मंशानुरूप जनसमस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए शनिवार को कोंच कोतवाली परिसर में ‘थाना समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) परमेश्वर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित इस दिवस के दौरान प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता का मिला-जुला रुख देखने को मिला। सीओ ने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं को लटकाना या उनमें लापरवाही बरतना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समन्वय और गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्राधिकारी परमेश्वर प्रसाद ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि जमीनी विवादों में पुलिस और राजस्व विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण मामले लंबे समय तक खिंचते रहते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पुलिस अधिकारी, राजस्व विभाग (लेखपालों) के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं।
सीओ ने कहा, “किसी भी शिकायत के प्राप्त होने पर अधिकारी स्वयं मौके पर जाएं, समस्या की प्रकृति को गहराई से समझें और साक्ष्यों के आधार पर उसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। खानापूर्ति के लिए किए गए निस्तारण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
मौके पर एक मात्र शिकायत का सफल निस्तारण
शनिवार को आयोजित इस समाधान दिवस में शिकायतों की संख्या कम रही, लेकिन जो मामला सामने आया, उस पर पुलिस ने तत्परता दिखाई। कोतवाली में केवल एक शिकायत दर्ज की गई, जिसे गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) विमलेश कुमार ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर उनकी दलीलों को सुना। पुलिस की मध्यस्थता और विधिक परामर्श के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति पर पहुँचे और मौके पर ही समस्या का निस्तारण कर दिया गया।
अधिकारियों की उपस्थिति और पारदर्शिता
आयोजन के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजस्व विभाग के लेखपाल और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से कोतवाल ब्रजेश बहादुर सिंह ने कानून-व्यवस्था और लंबित शिकायतों की समीक्षा की। साथ ही उपनिरीक्षक (SI) अशोक कुमार वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी और राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।
नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
सीओ परमेश्वर प्रसाद ने थानों के रिकॉर्ड की जांच करते हुए यह भी निर्देश दिए कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों का एक अलग रजिस्टर बनाया जाए और समय-समय पर उनकी फीडबैक रिपोर्ट ली जाए। उन्होंने लेखपालों को निर्देशित किया कि वे ग्राम स्तर पर छोटे-छोटे विवादों को पहचानें ताकि उन्हें बड़े संघर्ष में बदलने से पहले ही सुलझाया जा सके।







