सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर जिलाधिकारी का औचक छापा: व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच, किसानों से सीधा संवाद

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: जनपद में चालू गेहूं खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में सोमवार दोपहर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने अचानक विभिन्न गेहूं खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से मंडी समितियों और खरीद केंद्रों पर हड़कंप की स्थिति रही। जिलाधिकारी ने न केवल अभिलेखों की जांच की, बल्कि तौल कांटों और बारदाने की उपलब्धता को स्वयं परखते हुए मौजूद किसानों से उनकी समस्याओं पर सीधा संवाद भी किया।
जालौन और कोंच मंडी के केंद्रों का सघन निरीक्षण
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने अपने निरीक्षण की शुरुआत जालौन मंडी से की। गौरतलब है कि जालौन मंडी में कुल 14 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से जिलाधिकारी ने 8 प्रमुख केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इसके पश्चात वह कोंच मंडी पहुंचे, जहाँ संचालित 3 केंद्रों में से 2 केंद्रों पर पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तौल मशीनों की सटीकता, किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी की उपलब्धता और छांव के इंतजामों को देखा।
बारदाने की उपलब्धता और खरीद का लक्ष्य
निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से वार्ता करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद जालौन में वर्तमान में कुल 64 गेहूं खरीद केंद्र पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन निरंतर निगरानी कर रहा है।
बारदाने (बोरियों) की उपलब्धता के प्रश्न पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि जनपद में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने बताया:
- कोंच FCI केंद्र: यहाँ वर्तमान में लगभग 7,000 बारदाने उपलब्ध हैं।
- अन्य केंद्र: अन्य केंद्रों पर औसतन 5,000 के आसपास बारदाने का स्टॉक सुरक्षित है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर बारदाने की कमी के कारण खरीद प्रक्रिया बाधित नहीं होनी चाहिए।
किसानों से संवाद और पारदर्शी खरीद का निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्रों पर अपनी उपज लेकर आए किसानों से बात की। उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या उन्हें पंजीकरण या तौल में किसी बिचौलिए या समस्या का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और बिना किसी देरी के उनकी उपज की तौल सुनिश्चित की जाए।
प्रशासनिक सतर्कता और भविष्य की कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जैसे-जैसे आवक बढ़ेगी, वैसे-वैसे केंद्रों पर मैनपावर और परिवहन की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए ताकि केंद्रों पर गेंहूँ का उठाव समय से हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस निरीक्षण के दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी सहित मंडी सचिव और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस सक्रियता से किसानों में विश्वास बढ़ा है कि इस सत्र में गेहूं खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न होगी।







