उरई: विकास भवन के नाजिर ने संदिग्ध परिस्थितियों में लगाई फांसी, प्रशासनिक गलियारे में मचा हड़कंप

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जालौन के उरई स्थित विकास भवन के बाहर खड़ी पुलिस और शोक संतप्त परिजनों का दृश्य

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

शोक की लहर: राजकीय कॉलोनी में फंदे से लटका मिला कर्मचारी का शव

​उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिला मुख्यालय उरई के विकास भवन में तैनात एक वरिष्ठ कर्मचारी ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने सरकारी आवास पर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से न केवल मृतक के परिवार में चीख-पुकार मची है, बल्कि विकास भवन और प्रशासनिक महकमे में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतक की पहचान हरिसिंह राठौर के रूप में हुई है, जो मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कार्यालय में ‘नाजिर’ के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थे।

घटना का विवरण: सुबह जब खुला दरवाजा, तो फटी रह गईं आंखें

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नया पटेल नगर स्थित राजकीय कॉलोनी की है। बताया जा रहा है कि हरिसिंह राठौर ने बीती रात अपने कमरे में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। रोज की तरह जब सुबह देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को चिंता हुई। खिड़की से झांककर देखने पर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई; हरिसिंह का शव फंदे से लटका हुआ था। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने शव को नीचे उतारा।

परिजनों का बुरा हाल, कारणों पर सस्पेंस बरकरार

​हरिसिंह राठौर के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। इस अप्रत्याशित घटना ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे यह समझ पाने में असमर्थ हैं कि आखिर हरिसिंह ने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पड़ोसियों और साथ काम करने वाले कर्मचारियों के अनुसार, हरिसिंह स्वभाव से शांत और व्यवहारकुशल व्यक्ति थे। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि वे मानसिक रूप से किसी ऐसे दबाव में थे जो उन्हें मौत के द्वार तक ले जाएगा।

पुलिसिया कार्रवाई और जांच के बिंदु

​सूचना मिलते ही उरई कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इस बारे में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

​प्रभारी निरीक्षक आनंद सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

​”प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत होता है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हम हर संभावित एंगल से जांच कर रहे हैं। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का स्पष्ट पता चल सकेगा।”

प्रशासनिक खेमे में चर्चाओं का बाजार गर्म

​विकास भवन जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान में कार्यरत एक जिम्मेदार कर्मचारी की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या हरिसिंह राठौर किसी विभागीय दबाव में थे? या फिर कोई व्यक्तिगत या पारिवारिक तनाव इस घटना की वजह बना? पुलिस अब मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों को भी खंगाल रही है ताकि इस रहस्यमय मौत के पीछे की कड़ियों को जोड़ा जा सके।

​फिलहाल, इस दुखद घटना ने पूरे उरई शहर और विशेषकर राजकीय सेवा से जुड़े लोगों को झकझोर कर रख दिया है। विकास भवन में भी उनके सहयोगियों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक कर्मठ कर्मचारी बताया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिसिया तफ्तीश पर टिकी हैं।

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