जालौन: डिकौली गांव में कक्षा 6 के छात्र ने की आत्महत्या, फंदे पर लटका मिला 13 वर्षीय मासूम का शव

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन (उत्तर प्रदेश): जनपद के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डिकौली में रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ महज 13 वर्ष की आयु के एक किशोर ने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही घर के भीतर फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे गांव में मातम और सन्नाटे का माहौल पैदा कर दिया है।
कमरे में बंद था मासूम, परिजनों ने देखा खौफनाक मंजर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डिकौली निवासी मनीष का 13 वर्षीय पुत्र प्रदुम, जो कक्षा 6 का छात्र था, रविवार को घर पर ही था। बताया जा रहा है कि दोपहर के समय वह घर के एक कमरे में अकेला था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब प्रदुम कमरे से बाहर नहीं निकला और अंदर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई।
जब परिवार के सदस्य कमरे के भीतर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रदुम का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ था। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए। आनन-फानन में किशोर को फंदे से नीचे उतारा गया और परिजन उसे लेकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) माधौगढ़ भागे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने घोषित किया मृत
परिजनों को उम्मीद थी कि शायद प्रदुम की सांसें चल रही हों, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने गहन परीक्षण के बाद किशोर को मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के माता-पिता की करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
घटना की सूचना मिलते ही माधौगढ़ कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया शुरू की। पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
कोतवाली प्रभारी का कहना है कि:
”प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इतनी कम उम्र में बालक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं, जिसमें पारिवारिक स्थिति और मानसिक दबाव शामिल हो सकते हैं, की बारीकी से जांच कर रही है।”
गांव में पसरा सन्नाटा, उठ रहे सवाल
कक्षा 6 में पढ़ने वाले एक मासूम की आत्महत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार प्रदुम एक शांत स्वभाव का बालक था। आखिर ऐसी क्या वजह रही कि एक 13 साल के बच्चे के मन में मौत को गले लगाने का विचार आया? फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा।
इस घटना के बाद से डिकौली गांव के हर घर में शोक व्याप्त है और लोग मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना आज के समय में कितना अनिवार्य हो गया है।







