सड़क हादसों पर प्रशासन सख्त: डीएम ने दिए ‘जीरो टॉलरेंस’ के निर्देश, लापरवाही बरतने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): जनपद में लगातार बढ़ते सड़क हादसों और यातायात अव्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा के मानकों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘जिला सड़क सुरक्षा समिति’ की उच्च स्तरीय बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर कड़े सुधार नजर आने चाहिए।
जोल्हूपुर हादसे से लिया सबक: उच्च स्तरीय टीम करेगी ऑडिट
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने हाल ही में जोल्हूपुर के समीप हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया। प्राथमिक जांच का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि यह हादसा चालक को नींद आने की वजह से हुआ, जो एक गंभीर मानवीय चूक है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिलाधिकारी ने एक विशेष ऑडिट टीम का गठन किया है। इस टीम में एसडीएम, क्षेत्राधिकारी (CO), एआरटीओ (ARTO), पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (CD-3) और एनएचएआई (NHAI) के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम दुर्घटना स्थल का तकनीकी और व्यावहारिक निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
टोल प्लाजा पर 24 घंटे गूंजेगी सुरक्षा की आवाज
यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए डीएम ने एक अनूठी पहल का निर्देश दिया है। अब जनपद के सभी टोल प्लाजा पर ‘पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम’ के माध्यम से 24 घंटे सड़क सुरक्षा के संदेश प्रसारित किए जाएंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लंबी दूरी तय करने वाले थके हुए वाहन चालकों को चिन्हित कर उन्हें ‘रेस्ट एरिया’ में विश्राम के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि नींद या थकान के कारण होने वाले हादसों को रोका जा सके। इसके साथ ही परिवहन विभाग को आदेश दिए गए हैं कि वे चालकों और परिचालकों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और दक्षता परीक्षण शिविर आयोजित करें।
नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं: ‘रॉन्ग साइड’ और ‘ओवरस्पीडिंग’ पर शिकंजा
प्रशासन ने अवैध पार्किंग और यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि:
- हाईवे के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों को तत्काल हटाया जाए।
- रॉन्ग साइड ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध एफआईआर और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाए।
- बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाने वालों की सघन चेकिंग हो।
- नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में अब केवल बच्चों को नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों को भी जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूली वाहनों की फिटनेस और शहर का सौंदर्यीकरण
छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए गए कि वे स्कूलों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। साथ ही, स्कूली वाहनों के फिटनेस और सुरक्षा मानकों की समय-समय पर जांच सुनिश्चित की जाए।
शहर की आंतरिक यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए विकास प्राधिकरण सचिव और नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए कि सड़कों पर दुकानों के बाहर होने वाले अतिक्रमण और अनावश्यक पार्किंग को हटाया जाए। उरई नगर में एक व्यवस्थित पार्किंग प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया ताकि आम नागरिकों को जाम की समस्या से निजात मिल सके।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
सड़क सुरक्षा की इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) केके सिंह, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, एआरटीओ राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश सहित लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में गिरावट आएगी।





