जालौन: कोंच तहसील में युवक की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल, दोषी दो होमगार्ड जवान तत्काल प्रभाव से निलंबित

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई/जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। जिले की कोंच तहसील परिसर में ड्यूटी पर तैनात दो होमगार्ड जवानों द्वारा एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के संज्ञान में आते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए जिला होमगार्ड कमांडेंट ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए दोनों दोषी जवानों को निलंबित कर दिया है।
मानसिक रूप से कमजोर युवक पर बरसाईं लाठियां, लोगों में भारी रोष
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक मानसिक रूप से कमजोर (विक्षिप्त) बताया जा रहा है, जो किसी काम से तहसील परिसर के आसपास घूम रहा था। इसी दौरान वहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होमगार्ड के जवानों, रामकिशुन और विजय सिंह, का युवक के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों जवानों ने कानून को हाथ में लेते हुए युवक पर थप्पड़ और लाठियां बरसाना शुरू कर दिया।
तहसील जैसे सार्वजनिक और गरिमामयी स्थान पर हुई इस अमानवीय घटना का वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने चुपके से वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बेबस युवक खुद को बचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन वर्दी के रौब में चूर दोनों जवान उस पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजंस ने यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
जिला होमगार्ड कमांडेंट की त्वरित कार्रवाई, अनुशासनिक जांच के आदेश
सोशल मीडिया पर जनता के बढ़ते गुस्से और मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जिला होमगार्ड कमांडेंट राजेश कुमार सिंह ने वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कराई और प्रथम दृष्टया जवानों को दोषी पाते हुए कड़ा रुख अपनाया।
कमांडेंट राजेश कुमार सिंह ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया:
”ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और आम जनता के साथ इस तरह का हिंसक व्यवहार किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोनों आरोपी होमगार्ड जवानों, रामकिशुन और विजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय और कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।”
सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार और तहसील परिसर की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद कोंच तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और वहाँ तैनात कर्मियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तहसील एक ऐसा स्थान है जहाँ दूर-दराज के गांवों से गरीब, लाचार और अपनी फरियाद लेकर लोग न्याय की उम्मीद में आते हैं। ऐसे में रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आएं, तो आम जनता का प्रशासन पर से विश्वास उठने लगता है।
स्थानीय बुद्धिजीवियों और अधिवक्ताओं ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि यदि कोई युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था, तो उसके साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए था या फिर उसे सुरक्षित स्थान पर भेजा जाना चाहिए था, न कि उस पर इस तरह बर्बरता दिखाई जाती। फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।






