दिल्ली-गाजियाबाद तक बिछा जालौन पुलिस का खुफिया जाल: कुसमरा रोड से हुए सनसनीखेज अपहरण कांड का 48 घंटे में पर्दाफाश, 5 खूंखार किडनैपर दबोचे, युवक सकुशल बरामद!

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन (उत्तर प्रदेश)। बुंदेलखंड के जालौन जिले में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले एक बेहद दुस्साहसिक अपहरण कांड का जालौन पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर न सिर्फ सनसनीखेज पर्दाफाश कर दिया है, बल्कि मौत के मुंह से अपहृत युवक को सकुशल वापस खींच निकाला है। जालौन पुलिस की इस ताबड़तोड़ और चौतरफा घेरेबंदी के आगे दिल्ली और गाजियाबाद में छिपे बैठे किडनैपर्स ने घुटने टेक दिए। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 5 शातिर आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि गिरोह के मुख्य सरगनाओं समेत अन्य की तलाश में सरगर्मी से छापेमारी जारी है।
दिनदहाड़े कुसमरा रोड पर वारदात और पुलिस कप्तान का ‘मिशन रिकवरी’

घटना की शुरुआत 2 जून 2026 की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुई। आटा थाना क्षेत्र के कुसमरा रोड पर घात लगाए बैठे अपराधियों ने रोहित (पुत्र महेंद्रपाल) को जबरन एक कार में ठूंस लिया और पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गए। दिनदहाड़े हुई इस किडनैपिंग से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ित पत्नी ने जब रोते-बिलखते आटा थाने में रविंद्र, गुल्टू, अजय और 3-4 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, तो महकमे में खलबली मच गई।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए जालौन के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक (SP) विनय कुमार सिंह ने तत्काल कमान संभाली। उन्होंने बिना वक्त गंवाए तीन विशेष स्वाट और सर्विलांस टीमों का गठन किया। अपराधियों को अंदाजा भी नहीं था कि जिस युवक को वे छिपाकर भाग रहे हैं, उसके पीछे जालौन पुलिस की सबसे मुस्तैद आंखें लग चुकी हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से खुला गाजियाबाद-दिल्ली का रूट, आधी रात को रेड
खोजी पत्रकारिता के सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की साइबर टीम ने मोबाइल टावर डंप डेटा और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों का सुराग लगाना शुरू किया। पल-पल बदलती लोकेशन ने पुलिस को चौंका दिया; किडनैपर यूपी की सीमा लांघकर दिल्ली और गाजियाबाद की तरफ बढ़ रहे थे। एसपी के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत दिल्ली-एनसीआर के लिए रवाना की गई।
जालौन पुलिस ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त और बेहद गोपनीय ऑपरेशन चलाया। आधी रात को दिल्ली के संभावित ठिकानों पर दी गई दबिश रंग लाई। पुलिस ने अपहृत रोहित को किडनैपर्स के चंगुल से पूरी तरह सुरक्षित और सकुशल बरामद कर लिया। मौके से पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों अजय और शंकर को गिरफ्तार किया, वहीं इनकी निशानदेही पर जालौन और आसपास के इलाकों से सुनील, रिजवान और दीपक को भी दबोच लिया गया।
पैसों का खूनी विवाद और किडनैपिंग की इनसाइड स्टोरी
सकुशल मुक्त कराए गए पीड़ित रोहित ने पुलिस के सामने जो बयान दिए हैं, वह इस पूरे अपराध की क्रोनोलॉजी को साफ करते हैं। रोहित ने बताया कि उसका आरोपियों के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर पुराना और गंभीर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के तहत किडनैपिंग की पूरी पटकथा लिखी गई।
2 जून को जब वह कुसमरा रोड पर था, तब आरोपियों ने उसे गाड़ी में अगवा कर लिया। इस वारदात को अंजाम देने के लिए सिर्फ कार ही नहीं, बल्कि बैकअप के तौर पर मोटरसाइकिल का भी इस्तेमाल किया गया था, जिस पर सुनील और रिजवान सवार होकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। रोहित ने यह भी कबूल किया कि वह इन सभी हमलावरों को पहले से अच्छी तरह जानता था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार और मोटरसाइकिल दोनों को जब्त कर लिया है।
एएसपी डॉ. ईशान सोनी बोले— “फरार अपराधी पाताल से भी ढूंढे जाएंगे”
इस बेहद संवेदनशील और सफल ऑपरेशन के बाद जालौन के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. ईशान सोनी ने पुलिस टीमों की पीठ थपथपाई है। पुलिस लाइन में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने कहा:
”यह जालौन पुलिस की त्वरित कार्यप्रणाली और बेहतर समन्वय का नतीजा है कि हमने 48 घंटे के भीतर पीड़ित को सुरक्षित बचा लिया। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों (अजय, शंकर, सुनील, रिजवान और दीपक) से सघन पूछताछ की जा रही है। इस घटना के दो अन्य मुख्य नामजद आरोपी रविंद्र और गुल्टू अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट और टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। कानून हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”
फिलहाल, आटा थाना पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है। दिनदहाड़े हुए इस किडनैपिंग कांड के इतनी जल्दी खुलासे ने जिले में पुलिस के इकबाल को और मजबूत कर दिया है।






