स्वागत मंत्री जी का, ‘सफाई’ नेताओं की जेबों की! कालपी में VIP सुरक्षा को ठेंगा दिखा जेबकतरों ने उड़ाए हजारों, एक दबोचा

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छवि का विवरण: जालौन के कालपी में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के बीच घिरे मंत्री मनोज पाण्डेय। तस्वीर में चारों तरफ ढोल-नगाड़े और फूल-मालाएं दिखाई दे रही हैं, और इसी अफरा-तफरी के बीच पुलिस बल एक संदिग्ध जेबकतरे को कॉलर से पकड़कर भीड़ से बाहर निकालता हुआ नजर आ रहा है। पृष्ठभूमि में सुरक्षा व्यवस्था में मची खलबली साफ देखी जा सकती है।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

कालपी (जालौन): उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों ‘स्वागत सत्कार’ की धूम है, लेकिन जालौन जिले के कालपी में जो हुआ, उसने न सिर्फ सत्ताधारी दल के सांगठनिक जोश की पोल खोल दी है, बल्कि स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी एक गंभीर खोजी सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मौका था माननीय मंत्री मनोज पाण्डेय जी के भव्य स्वागत का। ढोल-नगाड़े बज रहे थे, फूल-मालाओं का अंबार लगा था और भाजपा कार्यकर्ता जोश में आसमान सिर पर उठाए हुए थे। लेकिन इसी सियासी शोरगुल की आड़ में कुछ ऐसे ‘शातिर चेहरों’ की एंट्री हुई, जिन्होंने चंद मिनटों के भीतर सत्ता के रसूखदारों को दिन में तारे दिखा दिए। जब तक नेताजी लोग माला पहनकर मुस्कुरा पाते, तब तक उनके कुर्ते की जेबें पूरी तरह ‘साफ’ हो चुकी थीं।

​भीड़ का फायदा या सुरक्षा तंत्र का फेलियर?

खोजी पड़ताल में यह बात सामने आई है कि इस अति-संवेदनशील कार्यक्रम के लिए स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता दावे किए थे। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट रही। मंत्री जी के करीब पहुंचने की होड़ में जैसे ही कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ा, पहले से घात लगाए बैठे पेशेवर जेबकतरों के एक संगठित गिरोह ने अपना काम शुरू कर दिया।

​सूत्रों के मुताबिक, यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत भीड़ का फायदा उठाया गया। मंत्री जी के स्वागत के ठीक बीचो-बीच जब पूरा प्रशासनिक अमला फूलों की बारिश देखने में व्यस्त था, तब ये जेबकतरे अपना ‘चंदा वसूली’ कार्यक्रम चला रहे थे।

​इन दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगा ‘चुनावी फटका’

​हमारे खोजी सूत्रों और कालपी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस वीआईपी कार्यक्रम में जिन लोगों की जेबों पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई, उनकी सूची काफी रसूखदार है। जेबकतरों ने किसी छोटे-मोटे कार्यकर्ता को नहीं, बल्कि सीधे मंच के करीब रहने वाले प्रमुख चेहरों को निशाना बनाया:

  • भाजपा नेता व सभासद कन्हैया मिश्रा: इनकी जेब से बड़ी ही सफाई के साथ ₹3,000 पार कर दिए गए।
  • करण सिंह सरसेला: भीड़ के धक्के के बीच इनकी जेब से ₹4,080 उड़ाए गए।
  • शंकर दादा: इस कांड में सबसे बड़ा फटका इन्हें लगा, जेबकतरों ने सीधे ₹5,000 की नकदी साफ कर दी।
  • अमरदीप पाण्डेय: मंत्री जी के स्वागत में मशगूल अमरदीप को पता ही नहीं चला कि कब उनकी जेब से ₹5,000 गायब हो गए।
  • गंगाराम: इस सूची में आखिरी नाम गंगाराम का है, जिनसे ₹1,300 की ‘वसूली’ कर ली गई।

​कुल मिलाकर, देखते ही देखते करीब ₹20,000 की चंदा वसूली कर यह गिरोह रफूचक्कर होने की फिराक में था।

​चुनाव के वादों की तरह गायब हुआ दूसरा साथी, कोतवाली में हिसाब-किताब

​इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब नेताओं ने अपनी जेबों में हाथ डाला, तो वहां ‘विकास’ की तरह सिर्फ खालीपन नजर आया। मौके पर तुरंत हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस को अलर्ट किया गया। कालपी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और भीड़ के बीच से रंगे हाथों एक शातिर जेबकतरे को धर दबोचा।

बड़ा सवाल: गिरफ्तार जेबकतरे से कोतवाली में कड़ाई से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस संगठित गिरोह के तार कहां से जुड़े हैं। हालांकि, उसका दूसरा साथी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर भीड़ में ऐसे गायब हो गया, जैसे चुनाव खत्म होने के बाद नेताओं के बड़े-बड़े वादे गायब हो जाते हैं!

​खोजी पत्रकार की नजर से: क्या यह महज एक अपराध है?

​यह घटना सिर्फ ₹20 हजार की चोरी की नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर सुरक्षा चूक का उदाहरण है। जिस कार्यक्रम में सूबे के मंत्री मौजूद हों, वहां मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इतने करीब जेबकतरे पहुंच जाते हैं और वारदात को अंजाम देकर निकल जाते हैं, यह कानून-व्यवस्था के दावों पर एक बड़ा तमाचा है। फिलहाल कालपी कोतवाली पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन इस घटना ने पूरे जिले में भाजपा की किरकिरी करा दी है और लोग अब चटखारे लेकर कह रहे हैं—“मंत्री जी का स्वागत करने गए थे, जेबकतरे जी ने स्वागत कर दिया!”

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