जालौन: पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पर डीएम सख्त, बैंकों को एक सप्ताह में 797 लंबित ऋण आवेदनों के निस्तारण का अल्टीमेटम

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जालौन कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और उपस्थित बैंक अधिकारी व प्रशासनिक अमला।

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और आम नागरिकों को स्वच्छ व सस्ती ऊर्जा से जोड़ने के लिए जालौन जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) राजेश कुमार पाण्डेय ने बैंक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार की इस जनहितैषी योजना में किसी भी स्तर पर ढिलाई या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैंकों में लंबित हैं 797 ऋण आवेदन, इंडियन बैंक में सर्वाधिक मामले

​समीक्षा बैठक के दौरान जिला प्रशासन के समक्ष जो आंकड़े आए, वे चिंताजनक थे। जनपद के विभिन्न बैंकों में योजना के तहत कुल 797 ऋण आवेदन लंबित पाए गए हैं। इसमें सबसे खराब स्थिति इंडियन बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रही।

​आंकड़ों के मुताबिक, सर्वाधिक 258 लंबित आवेदन इंडियन बैंक में हैं। इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 206, बैंक ऑफ बड़ौदा में 92, केनरा बैंक में 42 तथा पंजाब नेशनल बैंक में 31 आवेदन फाइलों में दबे पड़े हैं। इन आंकड़ों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए। वहीं, जिन बैंकों में लंबित मामलों की संख्या कम है, उन्हें मात्र तीन दिन का समय दिया गया है।

कालपी और जालौन क्षेत्र की बैंक शाखाओं की होगी संयुक्त जांच

​बैठक के दौरान ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे सोलर वेंडरों ने जिलाधिकारी को अपनी व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया। वेंडरों ने शिकायत की कि कालपी एवं जालौन क्षेत्र की कुछ विशिष्ट बैंक शाखाओं में ऋण स्वीकृति को लेकर उपभोक्ताओं और वेंडरों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल प्रभाव से जिला अग्रणी प्रबंधक (LDM) को निर्देश दिए कि वे उपजिलाधिकारी (SDM) कालपी और जालौन के साथ मिलकर संबंधित बैंक शाखाओं की संयुक्त जांच करें। डीएम ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर इन समस्याओं का हर हाल में समाधान किया जाए ताकि लाभार्थियों को बैंकों के चक्कर न काटने पड़ें।

“प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। आम जनता को समय पर इसका लाभ मिले, यह सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों की नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी है।”

राजेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी, जालौन

ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे सहयोग, 25 जून तक का लक्ष्य

​ग्रामीण क्षेत्रों में निवास प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए जिलाधिकारी ने एक व्यावहारिक रूपरेखा तैयार की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान स्थानीय स्तर पर कैंप या व्यक्तिगत रूप से मिलकर पात्र उपभोक्ताओं के दस्तावेज पूर्ण कराने में सहयोग प्रदान करेंगे।

​इसके साथ ही, विद्युत विभाग और यूपीनेडा (UPNEDA) के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे योजना का ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ सकें।

25 जून 2026 तक लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश

​बैठक के अंत में जिला स्तरीय सोलर रूफटॉप संयंत्रों के लक्ष्यों की समीक्षा की गई, जिसमें पाया गया कि कुल लक्ष्य के सापेक्ष अभी भी 181 आवेदन लंबित चल रहे हैं। जिलाधिकारी ने इस संबंध में एक डेडलाइन तय करते हुए निर्देश दिया कि 25 जून 2026 तक हर हाल में सभी लंबित आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाए। उन्होंने उपस्थित वेंडरों को भी हिदायत दी कि वे अपने निर्धारित कोटे के अनुरूप तेजी से सोलर प्लांट स्थापित करें और अगली समीक्षा बैठक से पहले जनपद की प्रगति रिपोर्ट में उल्लेखनीय सुधार दर्ज कराएं।

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