योगमय हुआ उरई: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य जन-जागरूकता रैली, उमड़ा 4 हजार लोगों का सैलाब

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन):
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल और ऐतिहासिक आयोजन को लेकर जिला मुख्यालय उरई में शनिवार को अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। योग को जन-जन का आंदोलन बनाने और प्रत्येक नागरिक को उत्तम स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक विशाल और भव्य जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक रैली में करीब 4 हजार से अधिक लोगों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया और 5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर कदमताल करते हुए योग को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने का मजबूत संदेश दिया। रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि जालौन जिले में योग के प्रति चेतना की एक नई लहर दौड़ चुकी है।
त्रिवेणी नेतृत्व में हरी झंडी दिखाकर हुआ भव्य शुभारंभ
इस महा-अभियान की शुरुआत शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल परिसर से हुई। मुख्य अतिथि सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के.के. सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और हरी झंडी दिखाकर रैली को गंतव्य की ओर रवाना किया। जैसे ही रैली टाउन हॉल से बाहर निकली, पूरा वातावरण “करें योग, रहें निरोग” और “स्वस्थ जीवन का आधार योग” जैसे गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। हाथों में योग के लाभों को दर्शाती रंग-बिरंगी तख्तियां, स्लोगन बोर्ड और विशाल बैनर लिए प्रतिभागियों का हुजूम शहर के प्रमुख मार्गों की ओर बढ़ चला।
अभूतपूर्व जनभागीदारी: हर वार्ड से जुड़े सैकड़ों लोग
इस जागरूकता रैली की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यापक और समावेशी स्वरूप रहा। उरई नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड से सुनियोजित तरीके से 100 से अधिक स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। इसके अलावा, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के स्कूली छात्र-छात्राएं, नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक, महिला स्वयं सहायता समूह, सामाजिक और स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी, एनसीसी कैडेट्स और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी इस मार्च का हिस्सा बने। समाज के हर वर्ग—चाहे वह बुजुर्ग हों, महिलाएं हों या युवा—सभी ने इस 5 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहर के हर कोने को योग के रंग में सराबोर कर दिया।
योग भारत की प्राचीन धरोहर और वैश्विक गौरव: प्रशासनिक व राजनीतिक दृष्टिकोण
रैली के समापन अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक शांति का मार्ग है। उन्होंने इसे भारत की अत्यंत प्राचीन और अमूल्य धरोहर बताते हुए जनपद वासियों से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। जिलाधिकारी ने आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य योग कार्यक्रम में जिले के प्रत्येक नागरिक से सपरिवार भागीदारी करने का आह्वान किया।
सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज योग वैश्विक स्तर पर मानव कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। उन्होंने योग को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करने और इसे अंतर्राष्ट्रीय मान्यता दिलाने का पूरा श्रेय देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। विधायक ने कहा कि आज दुनिया के कोने-कोने में योग की गूंज है, जो हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह ने इस सफल आयोजन के लिए पूरी टीम और उरई की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज की आधारशिला केवल स्वस्थ नागरिकों के दम पर ही रखी जा सकती है। योग बीमारियों को दूर रखने और मानसिक तनाव को कम करने का अचूक साधन है।
सुरक्षा और व्यवस्था के रहे कड़े इंतजाम
हजारों की इस भीड़ को देखते हुए उरई कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात के व्यापक प्रबंध किए गए थे। रैली के रूट पर सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन किया गया था, ताकि आम जनता को असुविधा न हो और रैली भी निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। जगह-जगह पर सामाजिक संगठनों द्वारा प्रतिभागियों के लिए पेयजल की भी व्यवस्था की गई थी। इस सफल और भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि 21 जून को होने वाला मुख्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम जनपद जालौन में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।






