जालौन में मार्मिक मामला: तीन बच्चों की मां के लापता होने से परिवार बेहाल, पत्नी की तलाश में डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठा पति

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रहिया गांव से एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जहां सिस्टम की बेरुखी और पुलिस की सुस्ती से तंग आकर एक गरीब मजदूर पिता को अपने तीन मासूम बच्चों के साथ न्याय के लिए जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठना पड़ा। पिछले तीन महीने से अपनी पत्नी की तलाश में दर-दर भटक रहे इस पीड़ित पति की दास्तान सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
तीन महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब है पत्नी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उरई कोतवाली क्षेत्र के रहिया गांव निवासी ऋषि राज अपनी मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का गुजर-बसर करता है। उसकी 32 वर्षीय पत्नी अनीता उर्फ ममता बीते 11 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गई। पत्नी के इस तरह अचानक गायब हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया। पीड़ित ऋषि राज ने अपनी तरफ से रिश्तेदारों, नाते-रिश्तेदारों और तमाम संभावित ठिकानों पर पत्नी की तलाश की, लेकिन उसका दूर-दूर तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप, सिर्फ मिले कोरे आश्वासन
पीड़ित पति का आरोप है कि उसने घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को पूरी जानकारी दी और थाने के कई चक्कर भी लगाए। परंतु, तीन लंबे महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस उसकी पत्नी का पता लगाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। ऋषि राज का दर्द है कि उसे पुलिस अधिकारियों से केवल टालमटोल भरे आश्वासन ही मिले, जबकि जमीन पर कोई भी ठोस या प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली। लगातार चक्कर काटने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उसकी पुलिस और प्रशासन से उम्मीदें टूटने लगीं।
एक युवक से संपर्क का लगाया आरोप
पीड़ित ऋषि राज ने मामले में एक और गंभीर पहलू उजागर करते हुए बताया कि उसकी पत्नी का आटा क्षेत्र के रहने वाले अभिषेक नामक एक युवक से संपर्क था। उसने इस बात की जानकारी भी पुलिस को दी थी, ताकि जांच की दिशा तय हो सके। बावजूद इसके, पुलिस ने इस एंगल पर कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई। पीड़ित का साफ कहना है कि यदि पुलिस ने शुरूआती दिनों में ही इस मामले में तत्परता दिखाई होती, तो आज उसकी पत्नी सुरक्षित उसके परिवार के पास होती।
बिखर गया परिवार, मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
माता के अचानक गायब हो जाने से यह हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह से बिखर चुका है। घर में मौजूद तीनों मासूम बच्चे हर वक्त अपनी मां को याद करके सिसकते और रोते रहते हैं। एक तरफ जहां दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पालने की कठिन जिम्मेदारी अकेले ऋषि राज के कंधों पर आ गई है, वहीं दूसरी तरफ बच्चों के लालन-पालन और ममता की कमी का गहरा मानसिक तनाव भी उसे अंदर से तोड़े जा रहा है। आर्थिक तंगी और मानसिक संताप के बीच वह लगातार अपनी पत्नी की तलाश में भटक रहा है।
प्रशासन से न्याय की गुहार
पुलिस की कार्यप्रणाली से पूरी तरह निराश और हताश होकर आखिरकार ऋषि राज ने कड़ा कदम उठाया। वह अपने तीनों मासूम बच्चों को साथ लेकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय परिसर पहुंचा और वहीं धरने पर बैठ गया। पीड़ित ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि उसकी लापता पत्नी को जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए। साथ ही, इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि इस बेसहारा परिवार को न्याय मिल सके।






