जालौन में मात्र एक घंटे की बारिश ने खोली नगर पालिका के दावों की पोल, जलभराव से डूबा रामगंज मोहल्ला; घरों में घुसा पानी
रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से प्रशासनिक दावों की पोल खोलने वाली एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। मानसून की पहली या कुछ ही देर की झमाझम बारिश ने नगर पालिका प्रशासन के उन तमाम दावों और वादों को पानी-पानी कर दिया है, जिसमें वे हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने का दावा करते हैं। महज एक घंटे की बारिश ने पूरे इलाके को जलमग्न कर दिया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
कालपी नगर पालिका क्षेत्र का मामला
यह पूरा मामला जालौन जिले के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षेत्र कालपी नगर पालिका परिषद का है। यहाँ के घनी आबादी वाले मोहल्ला रामगंज में कुछ ही देर की बारिश ने तबाही जैसे हालात पैदा कर दिए। जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण बारिश का पानी गलियों से निकल नहीं पाया और देखते ही देखते सड़कों पर सैलाब जैसा नजारा देखने को मिला।
घरों में घुसा पानी, बढ़ी लोगों की मुसीबतें
जलभराव की इस गंभीर समस्या के कारण मोहल्ले के दर्जनों घरों में पानी घुस गया। स्थानीय रहवासियों के घरों में रखा जरूरी सामान, राशन और बिस्तर पानी में भीगकर खराब हो गए। अचानक हुए इस जलभराव से लोगों को अपने घरों के भीतर ही कैद होना पड़ा। सुबह-सुरु की दैनिकचर्या और कामकाज के लिए बाहर निकलने वाले लोग अपने ही घरों में फंस गए। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इस जलभराव के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर तैरते नजर आए हालात, वीडियो वायरल
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि मोहल्ले की मुख्य सड़कें किसी तालाब या नदी में तब्दील नजर आने लगीं। मुख्य मार्ग पर भारी जलभराव के बीच लोग और वाहन पानी में तैरते और जूझते हुए नजर आए। इस पूरी बदहाली का किसी स्थानीय व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार लोग घुटनों से ऊपर तक भरे गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
नगर पालिका के दावों पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि नाले-नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। मानसून आने से पहले नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के दावे कागजी साबित हो रहे हैं। जनता का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में उन्हें इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रभाव से जल निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की आपदा से बचा जा सके।






