रिपोर्ट नवीन त्रिपाठी अमेठी
जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने अधिकारियों को समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और जनशिकायतों के निस्तारण पर दिया जोर
अमेठी। जिले में विकास योजनाओं की धीमी प्रगति और निर्माण कार्यों में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों और निर्माण कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें डीएम ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी और निर्धारित मानकों की अनदेखी करने वालों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विभागाध्यक्ष नियमित रूप से अपने विभाग की योजनाओं की समीक्षा करें और जिन योजनाओं की प्रगति कम है, उनमें विशेष प्रयास कर सुधार लाएं। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
डीएम ने जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल, जनता दर्शन और अन्य माध्यमों से प्राप्त जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई करने के साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि का भी ध्यान रखा जाए।
खराब रैंकिंग वाले विभागों की तय होगी जिम्मेदारी
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड पर अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति और रैंकिंग खराब रहेगी, उनकी जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी और कार्यों में तेजी लाने के लिए भी निर्देशित किया गया।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
विकास योजनाओं की समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जिले में चल रही निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
डीएम ने निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी, मानकों की अनदेखी या किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित कार्यदायी संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ण परियोजनाओं को जल्द किया जाए हस्तांतरित
जिलाधिकारी ने जिन परियोजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें संबंधित विभागों को जल्द हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि उनका उपयोग जनहित में किया जा सके। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी पन्नालाल, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।







