IGRS और CM हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन, 24 अधिकारियों का वेतन रोका, 4 SDM से मांगा जवाब
जालौन कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय।
समीक्षा बैठक में शिकायत निस्तारण पर जताई कड़ी नाराजगी, 24 अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया
उरई (जालौन) : जालौन में जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने सख्त रुख अपनाया है। उरई स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित एवं असंतोषजनक शिकायतों की समीक्षा की गई। समीक्षा में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने 24 अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए, जबकि चार उप जिलाधिकारियों (SDM) से स्पष्टीकरण तलब किया गया। कुल 28 अधिकारियों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
समीक्षा बैठक में खुली शिकायत निस्तारण की हकीकत
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान कई विभागों में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
24 अधिकारियों का वेतन रोका, 4 SDM से मांगा स्पष्टीकरण
समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने 24 अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा चार एसडीएम से यह स्पष्ट करने को कहा गया कि शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हुआ। प्रशासन की इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
जनशिकायतों में लापरवाही पर सख्त संदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक तरीके से शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक महकमे में बढ़ी हलचल
डीएम की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि अब सभी विभाग आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी कार्रवाई से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो आगे भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







