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Uttar Pradesh Agra

आगरा: मिशन शक्ति 6.0 के तहत दिव्यांशी गोयल बनीं एक दिन की थानेदार, जानी पुलिस की कार्यप्रणाली

आगरा के फतेहपुर सीकरी थाने में मिशन शक्ति 6.0 के तहत एक दिन की थाना प्रभारी बनीं छात्रा दिव्यांशी गोयल

रिपोर्ट तहसील संवाददाता किरावली(आगरा)

फतेहपुर सीकरी पुलिस की पहल, रासा इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा को सौंपी गई थाना प्रभारी की जिम्मेदारी; महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी

फतेहपुर सीकरी (आगरा)। मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत फतेहपुर सीकरी पुलिस ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अनूठी पहल की। हज्जाम गली निवासी राहुल गोयल की बेटी और रासा इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा दिव्यांशी गोयल को एक दिन के लिए थाना प्रभारी (एसएचओ) की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान दिव्यांशी ने थानेदार की कुर्सी पर बैठकर पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझा।


थाना प्रभारी आनंद वीर सिंह ने छात्रा को थाने की विभिन्न व्यवस्थाओं और पुलिस के दैनिक कार्यों की जानकारी दी। उन्हें एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, महिला हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली और आपातकालीन सेवा डायल 112 के बारे में विस्तार से बताया गया। इस पहल के माध्यम से छात्रा को पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका को समझने का अवसर मिला।


कार्यक्रम के दौरान दिव्यांशी को महिला सुरक्षा, महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराया गया। साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। छात्रा को महिला सुरक्षा एवं आपातकालीन सहायता से जुड़ी हेल्पलाइन नंबर 1090, 112 और 181 के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 की जानकारी भी दी गई।


मिशन शक्ति 6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की समझ विकसित करना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और जरूरत पड़ने पर निडर होकर अपनी बात रख सकें।


एक दिन की थानेदार बनीं दिव्यांशी गोयल ने इस अनुभव को खास बताया। उन्होंने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ केवल नारा नहीं, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने का अवसर देने का संकल्प है।
फतेहपुर सीकरी पुलिस की इस पहल से छात्रा को पुलिस व्यवस्था को करीब से जानने और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का अवसर मिला।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो वे हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।

दिव्यांशी गोयल एक दिन की थानेदार
दिव्यांशी गोयल एक दिन की थानेदार

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