जालौन: रक्तदंतिका मंदिर परिसर में गौमाता पर बर्बरता, फलाहारी बाबा सहित दो गिरफ्तार

रिपोर्ट : ओम प्रकाश उदैनिया। जालौन
उरई(जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आई है, जहाँ धर्म की आड़ में गौमाता पर जुल्म ढाए जा रहे थे। थाना कोटरा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध रक्तदंतिका मंदिर, सैदनगर परिसर में गौवंश के साथ क्रूरता करने के आरोप में पुलिस ने महंत भगवान दास उर्फ ‘फलाहारी बाबा’ और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, सैदनगर स्थित रक्तदंतिका मंदिर के महंत भगवान दास (70 वर्ष), जो मूल रूप से मूसा नगर, कानपुर देहात के निवासी हैं, पर लंबे समय से गौवंश के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लग रहे थे। मंदिर परिसर में गौमाता के प्रति बढ़ती क्रूरता की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। थानाध्यक्ष कोटरा, विमलेश कुमार ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर गहन छानबीन की, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने इस मामले में कठोर रुख अपनाते हुए आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष कोटरा विमलेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मुकद्दमा अपराध संख्या 25/2026, धारा 325 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) एवं 11 पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया है।
आरोपियों की पहचान महंत भगवान दास उर्फ फलाहारी बाबा पुत्र वनवारी लाल (70 वर्ष) और उनके सहयोगी महेंद्र पाटकार पुत्र रामकिशन (49 वर्ष), निवासी सैदनगर के रूप में हुई है।
पुलिस प्रशासन का रुख
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ सदर राजीव कुमार शर्मा ने पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंश के साथ इस प्रकार की अमानवीय घटना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीओ सदर ने कहा कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। फिलहाल इस पूरे प्रकरण की विवेचना प्रचलित है, जिसमें पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कठोर कार्रवाई करने की बात कह रही है।
स्थानीय निवासियों में आक्रोश
इस घटना के सामने आने के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और गौ-प्रेमियों में काफी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि जिस स्थान को पवित्र माना जाता है, वहाँ गौमाता पर इस तरह के जुल्म ढाना अक्षम्य है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी जीव-जंतुओं के साथ ऐसी क्रूरता करने की हिम्मत न करे।







