उरई के अंबेडकर चौराहा पर सामाजिक संगठनों ने कार्रवाई की मांग उठाई, शिकायतकर्ता ने पुलिस पर देरी और IGRS निस्तारण पर सवाल उठाए।
उरई(जालौन) : जालौन में कथित जातिसूचक टिप्पणी के मामले में 36 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने के विरोध में मंगलवार को सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने उरई स्थित अंबेडकर चौराहा पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर शिकायत के उचित निस्तारण में देरी का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी। आरोप है कि माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोपालपुरा में राममोहन पुत्र बाबूराम ने दुकान पर मौजूद लोगों और एक नाबालिग बच्ची के सामने डॉ. अंबेडकर का नाम लेते हुए एक विशेष जाति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। शिकायतकर्ता का दावा है कि घटना का वीडियो उसके पास सुरक्षित है।
धरना दे रहे लोगों का कहना है कि एसपी ने उसी दिन थाना माधौगढ़ को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने 4 सितंबर को स्वयं और गवाह मान सिंह को धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया तथा IGRS शिकायत के निस्तारण पर सवाल उठाए।
धरना टीम के संयोजक अजय सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने छह सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें SC/ST Act और BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही, जातिगत उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
फिलहाल यह मामला शिकायतकर्ता और धरना दे रहे प्रतिनिधिमंडल द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस की ओर से मामले में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






