रिपोर्ट : तहसील संवाददाता (फतेहाबाद) आगरा
फतेहाबाद के बीझला गांव की पूजा ने संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम विकास अधिकारी की रिपोर्ट पर उठाए सवाल, बीडीओ ने एडीओ स्तर से जांच के दिए निर्देश।
फतेहाबाद (आगरा) : आगरा जिले की फतेहाबाद तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सरकारी अभिलेखों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर उजागर हुआ। ग्राम बीझला निवासी पूजा पत्नी धनीराम ने एसडीएम स्वाति शर्मा के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि यदि कागजों में उनके नाम दो कमरे, एक बरामदा और बाउंड्रीवाल दर्ज हैं, तो अधिकारियों द्वारा उन पर ही कब्जा दिलवा दिया जाए।
पीड़िता के अनुसार, वह अत्यंत निर्धन है और उसके पास रहने के लिए पक्का मकान तक उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2024 में ब्लॉक स्तर पर तैयार 117 पात्र लाभार्थियों की सूची में उसका नाम शामिल था, लेकिन बाद में उसका नाम सूची से हटा दिया गया, जिससे उसके समक्ष गंभीर आवास संकट उत्पन्न हो गया है।
मामले की शिकायत एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अरुण कुमार से करने पर ज्ञात हुआ कि सचिव द्वारा अधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में पूजा के पास पहले से दो कमरे, एक बरामदा और बाउंड्रीवाल होने का दावा किया गया है। महिला का कहना है कि यह रिपोर्ट पूर्णतः भ्रामक है और उसके पास कोई पक्का मकान नहीं है।
मामले का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने जांच की बात कही है। खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार के अनुसार, पूरे प्रकरण की जांच एडीओ स्तर से कराई जा रही है। जांच में यदि सचिव दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस दौरान संवाददाता कासिम मलिक की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित महिला ने अपनी फरियाद में ग्राम पंचायत स्तर पर रिपोर्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, जिससे सरकारी दावों की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं।






