कोंच: माँ सिंह बाहिनी मंदिर की भूमि पर कब्जे का मामला गरमाया, विश्व हिंदू परिषद ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच (जालौन): जनपद जालौन के तहसील कोंच अंतर्गत ग्राम कूँडा में स्थित प्राचीन माँ सिंह बाहिनी मंदिर परिसर की भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा की जा रही शिकायतों पर प्रशासन की कथित चुप्पी ने अब एक बड़े जनाक्रोश का रूप ले लिया है। इस संवेदनशील मामले में अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की सक्रिय प्रविष्टि ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक उपेक्षा से बढ़ा ग्रामीणों का असंतोष
प्राप्त विवरण के अनुसार, ग्राम कूँडा के निवासियों ने कुछ समय पूर्व ही एक जाति विशेष के अराजक तत्वों के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए प्रशासन को लिखित शिकायत दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा मंदिर परिसर की पवित्र भूमि पर न केवल अनाधिकृत कब्जा किया जा रहा है, बल्कि वहां आए दिन अव्यवस्था और अशांति फैलाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने तहसील प्रशासन से लेकर स्थानीय पुलिस तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन शुरुआती दौर में शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। प्रशासन की इसी निष्क्रियता ने कब्जाधारकों के हौसलों को और अधिक बल दिया, जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विश्व हिंदू परिषद ने संभाली कमान, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
गुरुवार, 19 मार्च 2026 को यह मामला उस समय और अधिक गंभीर हो गया जब विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी और भारी संख्या में कार्यकर्ता तहसील मुख्यालय पहुंचे। विहिप के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी (SDM) ज्योति सिंह से मुलाकात कर उन्हें एक कड़ा मांग पत्र सौंपा। विहिप नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था के केंद्रों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि मंदिर परिसर से तत्काल प्रभाव से अवैध अतिक्रमण हटाया जाए और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम: “बृहद आंदोलन को तैयार रहे प्रशासन”
विहिप के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेताया है कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर मंदिर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो संगठन एक व्यापक धरना प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। विहिप ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में क्षेत्र की कानून व्यवस्था बिगड़ती है या कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस की होगी। संगठन के इस कड़े रुख ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान हिंदू संगठनों और स्थानीय समाज के प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य रूप से साकेत शांडिल्य, राजवीर सिंह, सुधांशु बुंदेला, देव राजा, अभय प्रताप, अंशुल ठाकुर, पीयूष बुंदेला, संतोष तिवारी, विवेक तिवारी, निर्मल गोस्वामी, गोपाल गुप्ता, महेंद्र चंदेरिया, सुमित अग्रवाल, सत्येंद्र गुर्जर, सचिन गुर्जर, सुमित गुर्जर, और हर्ष सेन सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आगे की राह: प्रशासन की अग्निपरीक्षा
फिलहाल, गेंद अब प्रशासन के पाले में है। एक ओर ग्रामीणों की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हैं, तो दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद जैसे प्रभावशाली संगठन ने सीधे हस्तक्षेप कर समय सीमा निर्धारित कर दी है। क्या एसडीएम ज्योति सिंह समय रहते इस विवाद का समाधान कर पाएंगी या यह मामला एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक टकराव का कारण बनेगा? यह आने वाले एक सप्ताह में स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।







