मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत, कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठे पूर्व प्रधान; दी आत्मदाह की चेतावनी

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जालौन कलेक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हथनौरा गांव के पूर्व प्रधान वीर सिंह, जो अपनी जान का खतरा बताकर पुलिस प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां चुर्खी थाना क्षेत्र के हथनौरा गांव के पूर्व ग्राम प्रधान ने पुलिस कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से खफा पूर्व प्रधान भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ जिला कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। पीड़ित ने अपनी और अपने परिवार की जान को गंभीर खतरा बताया है और प्रशासन से त्वरित न्याय व सुरक्षा की गुहार लगाई है। रिपोर्टर मो. सद्दाम हुसैन के अनुसार, इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

​19 जुलाई की घटना और दर्ज मुकदमे की पृष्ठभूमि

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित पूर्व प्रधान वीर सिंह के साथ बीते 19 जुलाई 2026 को कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय दुर्व्यवहार की घटना को अंजाम दिया गया था। इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 जुलाई 2026 को चुर्खी थाने में अपहरण और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।

​हालांकि, घटना को हफ्ता बीत जाने और मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस अब तक एक भी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो पाई है। पुलिस की इस सुस्त कार्यप्रणाली के कारण पीड़ित परिवार और समर्थकों में गहरा रोष व्याप्त है।

​आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास और खुलेआम घूमना

​धरने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व प्रधान वीर सिंह ने आरोप लगाया कि इस मामले में नामजद आरोपी बेहद शातिर और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हैं। उन्होंने दावा किया कि इन आरोपियों के खिलाफ वर्ष 1990 से लेकर 2022 के बीच डकैती, अपहरण, हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) जैसी कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज रहे हैं। इतना ही नहीं, शिकायती पत्र में यह भी दावा किया गया है कि इनमें से कुछ आरोपी सजायाफ्ता भी हैं।

​पूर्व प्रधान का कहना है कि इतने गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले दबंग आरोपी यदि खुलेआम घूमते रहेंगे, तो वे किसी भी बड़ी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं।

​परिवार को मिल रही धमकियां और सुरक्षा की गुहार

​वीर सिंह ने जिला प्रशासन को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपियों और उनके गुर्गों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इन धमकियों के कारण पूर्व प्रधान का पूरा परिवार अत्यधिक भय के साये में जीने को मजबूर है।

​ग्रामीणों—शैलेन्द्र चौहान और संतोष सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार का समर्थन किया और कहा कि यदि अपराधियों पर शिकंजा नहीं कसा गया, तो आम जनता का कानून से विश्वास उठ जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए तत्काल उनकी गिरफ्तारी की जाए और पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

​बड़ी चेतावनी: न्याय न मिलने पर आत्मदाह का ऐलान

​मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व प्रधान वीर सिंह ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि पुलिस ने जल्द से जल्द सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की और परिवार को सुरक्षा नहीं दी, तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में ही आत्मदाह जैसा चरम कदम उठाने के लिए विवश होंगे। इस चेतावनी के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है, और मामले को शांत कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

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