सब्जी मंडी परिसर के नाले में मिला पल्लेदार का शव, पुलिस जांच में जुटी

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उत्तर प्रदेश के जालौन में थोक सब्जी मंडी के पास स्थित नाले का दृश्य, जहां पुलिस बल जांच-पड़ताल करता हुआ नजर आ रहा है।

जालौन: उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली थोक सब्जी मंडी परिसर के पास एक नाले में पल्लेदार का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती तौर पर पुलिस और स्थानीय लोगों द्वारा यह आशंका जताई जा रही है कि पैर फिसलने या अंधेरे के चलते नाले में गिरने से पल्लेदार की मौत हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

​थोक सब्जी मंडी परिसर का मामला

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना जालौन कोतवाली क्षेत्र के व्यस्त इलाके थोक सब्जी मंडी परिसर की है। रोजाना की तरह यहां चहल-पहल थी, तभी मंडी के पास बने एक खुले/गहरे नाले में स्थानीय लोगों ने एक शव को तैरते हुए देखा। इस भयानक दृश्य को देखकर तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मामला मंडी परिसर से जुड़ा होने के कारण वहां भारी भीड़ जमा हो गई और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

​मृतक की हुई पहचान, नदीगांव का रहने वाला था तारबाबू

​घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकार और कोतवाली पुलिस का अमला तुरंत मौके पर आ गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला। मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए गए, जिसके बाद उसकी पहचान नदीगांव के रहने वाले तारबाबू के रूप में हुई। तारबाबू इलाके में मजदूरी यानी पल्लेदारी का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी अचानक इस तरह हुई मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

​नाले में गिरने से मौत की आशंका, पुलिस जांच में जुटी

​पुलिस प्राथमिक जांच और आसपास के हालातों को देखकर यह अनुमान लगा रही है कि पल्लेदार तारबाबू का पैर शायद नाले के पास संतुलन बिगड़ने से फिसल गया होगा, जिसके चलते वह गहरे नाले में जा गिरा। पानी या कीचड़ अधिक होने और समय पर मदद न मिलने के कारण उसकी दम घुटने से मौत हो गई। हालांकि, यह अभी केवल एक आशंका है। मौत के असल कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

​प्रशासनिक सुरक्षा और सुरक्षात्मक उपायों पर उठे सवाल

​इस दुखद घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में रोष व चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि मंडी परिसर या उसके आसपास बने खुले नाले बड़े हादसों को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने इन नालों को ढंकने या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए होते, तो शायद एक गरीब मजदूर की जान बच सकती थी। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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