उरई: फैमिली रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था देह व्यापार का काला खेल, पुलिस की छापेमारी में 6 गिरफ्तार, 2 फरार

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पुलिस ने अपराध और अनैतिक गतिविधियों के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला मुख्यालय उरई के झांसी रोड स्थित एक नामचीन फैमिली रेस्टोरेंट में चल रहे देह व्यापार के रैकेट का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों की आड़ में अवैध धंधा करने वालों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस को पिछले काफी समय से झांसी रोड स्थित ‘एसएमएस’ (SMS) नामक रेस्टोरेंट में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से उक्त रेस्टोरेंट पर छापेमारी की। जैसे ही पुलिस की टीम रेस्टोरेंट के भीतर दाखिल हुई, वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। रेस्टोरेंट के केबिनों और कमरों की आड़ में अनैतिक कृत्य संचालित किया जा रहा था।
मौके से 8 लोग हिरासत में, 6 भेजे गए जेल
पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से तीन युवतियों, एक महिला और चार अन्य पुरुषों सहित कुल आठ लोगों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था। सघन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में संलिप्त छह मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- गौरव सिंह (पुत्र राजू सिंह, निवासी ग्राम नरछा, थाना एट)
- चंद्रकिशोर (पुत्र बद्री प्रसाद, निवासी मोहल्ला बघोरा, उरई)
- मुकीम (पुत्र जमील, निवासी मोहल्ला लहरियापुरवा, उरई)
- दीपेन्द्र कुमार (पुत्र अखिलेश कुमार, निवासी ग्राम पचोखरा, थाना एट)
- अभिषेक यादव (पुत्र शिवपाल सिंह यादव, निवासी ग्राम व थाना डकोर)
- एक महिला आरोपी
पुलिस ने इन सभी के विरुद्ध अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (PITA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया। आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करने के उपरांत सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मुख्य संचालक अब भी पुलिस की रडार से बाहर
इस पूरे गिरोह के पीछे दो मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि शिवा और सचिन नामक दो युवक इस अवैध कारोबार के मुख्य संचालक हैं, जो रेस्टोरेंट की आड़ में इस नेटवर्क को चला रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ अनैतिक व्यापार अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उरई शहर और पूरे जनपद में किसी भी प्रकार की अनैतिक या अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने संस्थानों का उपयोग केवल वैध कार्यों के लिए करें। यदि भविष्य में किसी अन्य संस्थान में इस तरह की गतिविधि पाई गई, तो संचालक के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ प्रतिष्ठान को सील करने की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की सराहना की है, क्योंकि झांसी रोड जैसे व्यस्त और शैक्षणिक संस्थानों वाले क्षेत्र में इस तरह के अवैध कार्यों से सामाजिक वातावरण दूषित हो रहा था। पुलिस की सक्रियता ने स्पष्ट कर दिया है कि जालौन में कानून का राज सर्वोपरि है।







