एसडीएम ज्योति सिंह का कस्तूरबा विद्यालय में औचक छापा: खराब निर्माण पर जेई और घटिया राशन पर वेंडर को नोटिस के निर्देश

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कोंच एसडीएम ज्योति सिंह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण करते हुए, साथ में खंड शिक्षा अधिकारी और विद्यालय स्टाफ

रिपोर्ट : राहुल,जालौन। UP SAMVAD

कोंच (जालौन): उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुरूप सरकारी शिक्षण संस्थानों में व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रशासनिक सख्ती तेज हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कोंच, ज्योति सिंह ने नगर के हाटा क्षेत्र स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की शैक्षणिक स्थिति, छात्राओं की उपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित उत्तरदायियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
​हाजिरी रजिस्टर में मिली खामियां, तीन शिक्षिकाएं नदारद
​निरीक्षण के दौरान एसडीएम ज्योति सिंह ने सबसे पहले छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया। विद्यालय में कुल 161 छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से निरीक्षण के समय केवल 100 छात्राएं ही मौके पर उपस्थित मिलीं। अनुपस्थित छात्राओं के विषय में एसडीएम ने वार्डन से विस्तृत जानकारी तलब की। अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मोर्चे पर तब बड़ी लापरवाही सामने आई जब तीन शिक्षिकाएं ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गईं। इनमें ऋतु वर्मा आकस्मिक अवकाश पर थीं, लेकिन शिक्षिका रूबी और प्रमिला बीते माह जनवरी से ही लगातार बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित चल रही हैं। इस घोर लापरवाही पर एसडीएम ने दोनों शिक्षिकाओं के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
​निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जेई पर गिरेगी गाज
​विद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए बन रही नई बिल्डिंग का निरीक्षण करते समय एसडीएम ने पाया कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। एसडीएम ज्योति सिंह ने मौके पर ही गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग और छात्राओं की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने और निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की बात कही है।
​खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब, लक्ष्मी ट्रेडर्स पर कार्रवाई की तैयारी
​छात्राओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मुद्दे पर भी प्रशासन सख्त दिखा। विद्यालय में लक्ष्मी ट्रेडर्स द्वारा आपूर्ति की जा रही खाद्य सामग्री के मिलान और जांच के दौरान पाया गया कि राशन की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। दाल, चावल और अन्य सामग्रियों में अशुद्धता की आशंका को देखते हुए एसडीएम ने संबंधित ट्रेडर्स को नोटिस जारी करने और भविष्य में गुणवत्ता सुधार न होने पर अनुबंध निरस्त करने की चेतावनी दी है। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि स्टेशनरी और छात्राओं को दी जाने वाली ‘बाथकिट’ की गुणवत्ता संतोषजनक मिली।
​सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का गहन परीक्षण
​निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने रसोईघर, शौचालय की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और बिजली आपूर्ति का भी जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर पाठ्य पुस्तकों और ड्रेस वितरण की स्थिति जानी। सुरक्षात्मक दृष्टि से छात्रावास के मुख्य द्वार, खिड़कियों की मजबूती और रात्रि चौकीदार की तैनाती की स्थिति को भी परखा गया। एसडीएम ने वार्डन को निर्देशित किया कि छात्राओं की सुरक्षा और स्वच्छता में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
​इस निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सुनील राजपूत सहित विद्यालय की वार्डन और अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। एसडीएम की इस सख्त कार्रवाई से शिक्षा विभाग और निर्माणदायी संस्थाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

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