एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर जालौन में हाई अलर्ट: एडीजी आलोक सिंह ने उरई के परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई /(जालौन)। उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में रविवार को एडीजी (कानून व्यवस्था) कानपुर जोन, आलोक सिंह स्वयं धरातल पर उतरे और जालौन के मुख्यालय उरई पहुंचकर विभिन्न परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। उनके इस दौरे से परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही, वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थियों ने प्रशासन की इस सक्रियता की सराहना की।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ परखीं व्यवस्थाएं
निरीक्षण के दौरान एडीजी आलोक सिंह ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ उरई के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने केंद्रों पर सुरक्षा के त्रि-स्तरीय घेरे, सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता, बायोमेट्रिक उपस्थिति और अभ्यर्थियों की सघन तलाशी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। एडीजी ने स्वयं कंट्रोल रूम में जाकर फुटेज की गुणवत्ता जांची और यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा कक्ष के भीतर की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
“लापरवाही की कोई जगह नहीं”: अधिकारियों को सख्त निर्देश
परीक्षा केंद्रों पर तैनात जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों को संबोधित करते हुए एडीजी आलोक सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रक्रिया है। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा, “इस परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या अनुचित साधनों के प्रयोग की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं भी शिथिलता पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने पुलिस बल को निर्देशित किया कि केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर खुफिया तंत्र के माध्यम से विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि अभ्यर्थियों को समय पर केंद्र पहुंचने में कोई बाधा न आए।
9 केंद्रों पर 4800 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
जालौन जिले में पुलिस उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए कुल 9 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रविवार को आयोजित दोनों पालियों में लगभग 4800 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की थी। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पूर्व अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया।
पारदर्शिता और ईमानदारी प्रशासन की प्राथमिकता
एडीजी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि सरकार की प्राथमिकता योग्य और ईमानदार अभ्यर्थियों को पुलिस बेड़े में शामिल करना है। इसके लिए पूरी चयन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुदृढ़ और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जिले की अब तक की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही सतर्कता बनाए रखने की हिदायत भी दी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक उरई सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि नकल माफियाओं के लिए जालौन में कोई जगह नहीं है और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं।







