🔴 कुठौंद में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का भव्य आयोजन: पुलिस और महिलाओं ने साझा किया सशक्तिकरण का संकल्प🔴 कुदरत की मार से कराह उठा जालौन: ओलावृष्टि से तबाह हुई रबी की फसल, किसान संघ ने ₹30 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की उठाई मांग🔴 कालपी में विकास की रफ्तार: सिक्सलेन परियोजना के लिए NHAI ने चलाया भीषण अतिक्रमण हटाओ अभियान🔴 कालपी में ‘गड्ढा मुक्त अभियान’ को मिली गति: जर्जर कोतवाली मार्ग दुरुस्त, राहगीरों ने ली राहत की सांस🔴 सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर जिलाधिकारी का औचक छापा: व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच, किसानों से सीधा संवाद

जालौन: पहूज नदी में मृत मगरमच्छ मिलने से सनसनी, तटीय गांवों में दहशत का माहौल; प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

0
जालौन के रामपुरा ब्लॉक में बुढेरा गांव के पास पहूज नदी के किनारे पड़ा मृत मगरमच्छ और उसे देखने के लिए जमा हुए ग्रामीण

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

रामपुरा(जालौन): जनपद के रामपुरा विकास खंड अंतर्गत पहूज नदी के तटवर्ती इलाकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब बुधवार सुबह नदी किनारे एक विशालकाय मगरमच्छ का शव बरामद हुआ। इस घटना ने जहाँ एक ओर वन्यजीव प्रेमियों को चिंतित किया है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी दहशत पैदा कर दी है। विशेषकर ग्राम बुढेरा और उसके आसपास के इलाकों में लोग अब नदी किनारे जाने से भी कतरा रहे हैं।

कैसे प्रकाश में आई घटना?

​जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह जब ग्राम बुढेरा के कुछ ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों के लिए पहूज नदी की ओर गए, तो उन्होंने किनारे पर एक मगरमच्छ को निर्जीव अवस्था में पड़ा देखा। शुरुआत में ग्रामीण उसे जीवित मानकर डर गए, लेकिन काफी समय तक कोई हलचल न होने पर जब पास जाकर देखा गया, तो वह मृत पाया गया। देखते ही देखते यह खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और मौके पर ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

ग्रामीणों में अन्य मगरमच्छों की मौजूदगी का भय

​स्थानीय ग्रामीणों—किशन, मंजेश, ओकेन्द्र, उपेन्द्र, कैलाश और महानदर—ने बताया कि पिछले कई दिनों से पहूज नदी में मगरमच्छ देखे जाने की चर्चाएं जोरों पर थीं। कुछ ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने पहले भी नदी की लहरों में मगरमच्छों की हलचल देखी थी। अब एक मृत मगरमच्छ मिलने के बाद ग्रामीणों की यह आशंका और गहरा गई है कि नदी में और भी हिंसक मगरमच्छ मौजूद हो सकते हैं। इस डर के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

पशुओं और बच्चों की सुरक्षा पर संकट

​नदी किनारे स्थित गांवों के लिए पहूज नदी जल का मुख्य स्रोत है। ग्रामीण अपने मवेशियों को पानी पिलाने और नहलाने के लिए अक्सर नदी का ही सहारा लेते हैं, लेकिन इस घटना के बाद पशुपालकों ने अपने जानवरों को नदी की ओर ले जाना बंद कर दिया है। इसके अतिरिक्त, बच्चों और महिलाओं के नदी तट पर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी में और मगरमच्छ हुए, तो वे कभी भी इंसानों या पालतू पशुओं पर हमला कर सकते हैं।

प्रशासनिक उदासीनता से रोष

​इस गंभीर मामले में ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के घंटों बीत जाने के बाद भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा और ग्रामीणों के डर को दूर करने के लिए तत्काल कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

प्रमुख मांगें

​क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन और वन विभाग से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  1. ​मृत मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कराकर मौत के कारणों का पता लगाया जाए।
  2. ​पहूज नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में वन विभाग की टीम तैनात कर निरंतर निगरानी की जाए।
  3. ​नदी में मौजूद अन्य मगरमच्छों को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाए।
  4. ​तटवर्ती गांवों में सुरक्षा के मद्देनजर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

​वर्तमान में क्षेत्र में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों को इस भय से कब तक मुक्ति मिलती है।

जालौन: पहूज नदी में मृत मगरमच्छ मिलने से सनसनी, तटीय गांवों में दहशत का माहौल; प्रशासन पर लापरवाही का आरोप news image

RAHUL

Rahul (रिपोर्टर,जालौन) जालौन जनपद में स्थानीय समाचारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और जनहित से जुड़ी खबरों को तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हैं।

पूरा प्रोफाइल देखें

Leave a Reply

You may have missed