उरई में ‘बाबा साहब अमर रहें’ के जयघोष से गूंजा आकाश: अंबेडकर जयंती पर भव्य शोभायात्राओं ने बिखेरी समरसता की छटा

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उरई में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर महिलाओं द्वारा निकाली गई विशाल शोभायात्रा और अंबेडकर चौराहे पर श्रद्धांजलि अर्पित करते लोग

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई (जालौन): भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा निकाली गई भव्य शोभायात्राओं ने पूरे शहर को नीले रंग और बाबा साहब के जयकारों से सराबोर कर दिया। “जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा साहब का नाम रहेगा” के नारों के बीच उरई की सड़कों पर जनसमूह उमड़ पड़ा।

सम्यक दृष्टि महिला संघ का शक्ति प्रदर्शन

​शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण सम्यक दृष्टि महिला संघ के नेतृत्व में निकाली गई यात्रा रही। यह यात्रा झांसी चुंगी से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई अंबेडकर चौराहा तक पहुंची। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मौजूद पुरुषों और महिलाओं ने बाबा साहब के सिद्धांतों—’शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ का जोरदार प्रचार किया।

​यात्रा के दौरान शहर के नागरिकों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया। इस गौरवमयी अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान सांसद बृजलाल खाबरी तथा उरई के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता बताया।

करुणामयी महिला संघ ने भीम गीतों से भरा जोश

​इसी कड़ी में करुणामयी महिला संघ की टीम द्वारा भी एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा राजेंद्र नगर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई। शिवानी गार्डन, भगत सिंह चौराहा, घंटाघर और बजरिया जैसे व्यस्त इलाकों से गुजरते हुए यह यात्रा अंबेडकर चौराहे पर विसर्जित हुई। यात्रा में शामिल महिलाएं भीम गीतों पर झूमती नजर आईं, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का संचार हो गया।

समतामूलक समाज की स्थापना का संकल्प

​अंबेडकर चौराहे पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए करुणामयी महिला संघ की पदाधिकारियों ने डॉ. अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने न केवल दलितों और वंचितों के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि महिलाओं को हिंदू कोड बिल के माध्यम से जो अधिकार दिलाए, वे अद्वितीय हैं।

​”आज महिलाएं यदि समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, तो इसके पीछे बाबा साहब की दूरगामी सोच और संवैधानिक सुरक्षा है। उनके आदर्शों पर चलकर ही हम एक भेदभाव मुक्त और समतामूलक समाज की स्थापना कर सकते हैं।”

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में प्रभा बौद्ध, अर्चना गौतम, अंजू चौधरी एडवोकेट, रजनी गौतम, आकांक्षा बौद्ध और किशोरी नीतू ने मुख्य भूमिका निभाई। साथ ही गीता भारती, शिक्षा गौतम, वंदना गौतम, मीनू गौतम, विनोद कुमारी, सुशीला दोहरे, कल्पना भारती, रेखा चौधरी, सीमा, विरमेश कुमारी, गरिमा गौतम, कंचन भारती, शशिवाला, रश्मि वर्मा, साधना अहिरवार, वर्षा चौधरी, यशोधरा दिनकर और अंजू सिंह सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

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