संविधान के मूल्यों को आत्मसात करना ही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि: जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन: भारत रत्न और भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मंगलवार को जनपद जालौन के कलेक्ट्रेट सभागार में अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस भव्य समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने बाबा साहब के महान योगदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि और माल्यार्पण समारोह
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करने के साथ हुआ। जिलाधिकारी के साथ अपर जिलाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान पूरा सभागार ‘बाबा साहब अमर रहें’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
सशक्त और समावेशी समाज का निर्माण
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल एक संविधान निर्माता ही नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के वैश्विक प्रतीक थे। उन्होंने जोर देकर कहा, “संविधान के मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुता—को केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इन्हें अपने दैनिक आचरण और कार्यशैली में उतारना अनिवार्य है। तभी हम एक सशक्त और समावेशी समाज का निर्माण कर पाएंगे।”
जिलाधिकारी ने आगे कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन पर्यंत संघर्षों से ऐसे भारत की नींव रखी, जहाँ जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव के बिना प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मान मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का परिचय दें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के विचार
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार ने डॉ. अंबेडकर के जीवन को संघर्ष, शिक्षा और आत्मसम्मान की एक बेमिसाल प्रेरणा बताया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षित होना ही काफी नहीं है, बल्कि अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना भी आवश्यक है।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेंद्र सिंह ने वंचित वर्गों के उत्थान के लिए डॉ. अंबेडकर द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए कानूनी सुधार आज भी आधुनिक भारत की प्रगति के आधार हैं। वहीं, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचन्द्र मौर्य ने कहा कि बाबा साहब के विचार हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित गोष्ठी में नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) विनय मौर्य, वरिष्ठ कोषाधिकारी अवनीश सिंह सहित बड़ी संख्या में अनुभाग अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में बाबा साहब के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में संविधान की प्रस्तावना का स्मरण कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की शपथ ली गई।







