डॉक्टरों की दबंगई पर फूटा गुस्सा, जालौन में व्यापारियों ने किया चक्का जाम

रिपोर्ट-मुहम्मद साजिद जालौन |UPSAMVAD
उरई(जालौन): जालौन जनपद के मुख्यालय उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्यापारी और उसके परिजनों के साथ कथित मारपीट की घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना से आक्रोशित शहर के व्यापारियों ने एकजुट होकर बाजार बंद कर दिया और सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
बाजार बंद, सड़क जाम कर जताया विरोध

घटना के विरोध में व्यापारियों ने उरई शहर के प्रमुख बाजार बंद रखे। इसके बाद बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर एकत्र हुए और जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि इलाज कराने गए व्यापारी और उसके परिवार के साथ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने अभद्रता करते हुए मारपीट की। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

व्यापारियों के उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
घायल युवक की मां ने सुनाई आपबीती

घायल युवक की मां ज्योति गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज गया था, जहां मामूली बात को लेकर विवाद बढ़ गया और डॉक्टरों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की। उन्होंने दोषी चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज

व्यापारी संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस घटना ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनमानस में रोष, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
उरई में हुए इस घटनाक्रम के बाद आम लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जालौन के उरई में राजकीय मेडिकल कॉलेज की इस घटना ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।






