रिपोर्ट : ब्यूरो चीफ, जालौन
फरियादी अपनी शिकायतें सुनाते रहे और एसडीएम समस्याओं का निस्तारण करते रहे, लेकिन वन दरोगा राजेश अस्थाना गहरी नींद में रहे; कार्यशैली पर उठे सवाल।
कोंच (जालौन) : जालौन जिले की कोंच तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं और अधिकारियों की कार्यप्रणाली की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। एक ओर जहां फरियादी अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के सामने गुहार लगा रहे थे और एसडीएम समस्याओं का निस्तारण कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर वन दरोगा राजेश अस्थाना सभागार में कुर्सी पर सोते हुए नजर आए।
सवाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिम्मेदार अधिकारी की इस तरह की बेपरवाही और गहरी नींद का वीडियो या नजारा सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आम जनता की शिकायतों के प्रति प्रशासनिक अमले की संवेदनशीलता और सतर्कता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब फरियादी अपनी फरियाद लेकर सभागार में मौजूद थे और अधिकारी शिकायतों के समाधान में व्यस्त थे, तब वन दरोगा अपनी सुस्ती में मस्त दिखाई दिए। इस तरह की लापरवाही से शासन के निर्देशों और जनसुनवाई की महत्ता को दरकिनार किए जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर इस प्रकार के मामलों को लेकर अधिकारियों की उदासीनता पर स्थानीय लोगों में भी असंतोष देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्चाधिकारियों द्वारा वन दरोगा के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।






