कालपी में प्रशासन का बड़ा प्रहार: अवैध बालू से लदे तीन ट्रक सीज, माफियाओं में मचा हड़कंप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कालपी (जालौन): जनपद के कालपी क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज के परिवहन पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार की दोपहर हाईवे पर चलाए गए एक औचक चेकिंग अभियान के दौरान प्रशासन ने ओवरलोड बालू से लदे तीन ट्रकों को जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और परिवहन के काम में लिप्त कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक टीम की सक्रियता और कार्रवाई
यह सख्त कार्रवाई बुधवार दोपहर कालपी हाईवे स्थित पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान के ढाबे के निकट अंजाम दी गई। इस अभियान का नेतृत्व उपजिलाधिकारी (SDM) मनोज कुमार सिंह ने किया। उनके साथ एआरटीओ विनय पाण्डेय और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
जैसे ही प्रशासनिक टीम ने हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की, वहां से गुजर रहे ट्रक चालकों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और अधिकारियों की संयुक्त टीम को देखते ही तीन ट्रकों के चालक अपने वाहन बीच सड़क पर ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। हालांकि, प्रशासनिक टीम ने इन ट्रकों को अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन इस आपाधापी का लाभ उठाकर तीन अन्य ट्रक चालक अपने वाहनों को लेकर भागने में सफल रहे। प्रशासनिक टीम ने उनका पीछा भी किया, लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जा सका।
सीज किए गए वाहनों पर भारी जुर्माना
जब्त किए गए ट्रकों को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अभिरक्षा में गल्ला मंडी परिसर में खड़ा कराया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारी राजेश कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए तीनों ट्रकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया है। विभाग ने इन वाहनों पर लगभग चार लाख रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) भी अधिरोपित किया है।
खनन माफियाओं में दहशत
इस अचानक हुई कार्रवाई का असर इतना गहरा था कि खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में अवैध खनन से जुड़े माफियाओं ने अपने अन्य ट्रकों को विभिन्न रास्तों पर रुकवा दिया। क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के अनुसार, प्रशासन की इस सक्रियता ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो नियमों को ताक पर रखकर ओवरलोडिंग और अवैध खनन का अवैध कारोबार संचालित कर रहे हैं।
भविष्य में जारी रहेगा अभियान
एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि खनिज के अवैध परिवहन के खिलाफ यह प्रशासनिक मुहिम कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे क्षेत्रीय प्रशासन और पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर समय-समय पर सघन चेकिंग अभियान चलाएं ताकि सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले और सड़कों को क्षति पहुँचाने वाले इन माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।







