खाकी का मानवीय चेहरा: जालौन में बुजुर्ग दम्पति के लिए देवदूत बनी कुठौंद पुलिस, दी गई हर संभव मदद

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जालौन के कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे और उनकी टीम एक जरूरतमंद बुजुर्ग दम्पति को राशन और सहायता राशि सौंपते हुए

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि अक्सर सख्त कानून व्यवस्था के रक्षक के रूप में देखी जाती है, लेकिन जालौन जिले के कुठौंद थाना क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने खाकी के प्रति जन-विश्वास को और अधिक प्रगाढ़ कर दिया है। जहाँ एक ओर पुलिस अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जानी जाती है, वहीं दूसरी ओर कुठौंद थाना पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं की एक नई मिसाल पेश की है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहा था वृद्ध दम्पति

​घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि कुठौंद थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाला एक वृद्ध दम्पति पिछले काफी समय से बेहद दयनीय आर्थिक स्थितियों से गुजर रहा था। उम्र के इस पड़ाव पर, जहाँ उन्हें अपनों के सहारे की आवश्यकता थी, वहाँ वे दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं और भोजन के लिए भी संघर्ष करने को मजबूर थे। स्थानीय स्तर पर जब यह सूचना कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक (SHO) जगदंबा प्रसाद दुबे तक पहुंची, तो उन्होंने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया।

तत्काल संज्ञान लेकर पहुंचे मददगार

​प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने बिना किसी देरी के अपनी टीम को साथ लिया और सीधे उस बुजुर्ग दम्पति के आवास पर पहुंचे। पुलिस टीम को अचानक अपने दरवाजे पर देख दम्पति हैरान थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि ये लोग उनकी मदद के लिए आए हैं, तो उनकी आँखों में आंसू छलक आए।

​पुलिस टीम ने न केवल उनकी स्थिति का जायजा लिया, बल्कि अपने निजी प्रयासों से उनके लिए राशन सामग्री, कपड़े, फल और घर के जरूरी मसाले उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, बुजुर्गों की तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पुलिस टीम द्वारा उन्हें 1100 रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।

‘सेवा ही धर्म है’ – पुलिस की सकारात्मक सोच

​इस अवसर पर कुठौंद थाना प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने कहा, “पुलिस का दायित्व केवल अपराधियों को पकड़ना या कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सुरक्षा और सहायता करना भी हमारा नैतिक कर्तव्य है। जब हमने देखा कि बुजुर्ग दम्पति किन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं, तो हमारा फर्ज बनता था कि हम उनकी मदद के लिए आगे आएं।” उन्होंने बुजुर्गों को आश्वस्त किया कि पुलिस हर समय उनके साथ खड़ी है और भविष्य में भी उनकी हर संभव सहायता की जाएगी।

स्थानीय जनता ने की पहल की सराहना

​जालौन पुलिस की इस मानवीय पहल की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। स्थानीय लोगों और प्रबुद्ध जनों ने इस कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि पुलिस का यह सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय चेहरा समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है। यह न केवल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संकट के समय में उत्तर प्रदेश पुलिस आमजन के साथ पूरी मजबूती और संवेदना के साथ खड़ी है।

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