कुठौंदा बुजुर्ग के ग्रामीणों की मुहिम रंग लाई: बस सेवा के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद के कुठौंदा बुजुर्ग क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से परिवहन सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे ग्रामीणों की आवाज अब शासन के गलियारों तक पहुँच गई है। परिवहन निगम के उरई डिपो ने ग्रामीणों की निरंतर मांग और जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, इस क्षेत्र में 26 सीटर छोटी बस संचालित करने का औपचारिक प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया है।
जनसुनवाई पोर्टल बना ग्रामीणों की ताकत
कुठौंदा बुजुर्ग क्षेत्र में परिवहन के साधनों का घोर अभाव था, जिसके कारण स्कूली छात्र-छात्राओं, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए गांव के निवासी गजेन्द्र सिंह सेंगर, जवान सिंह, शिवम सेंगर और मनमोहन सिंह ने मोर्चा संभाला। इन जागरूक नागरिकों ने उत्तर प्रदेश सरकार के ‘जनसुनवाई पोर्टल’ (IGRS) का सहारा लिया और निरंतर शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
ग्रामीणों की शिकायत संख्या 40016526003015 पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को सख्त निर्देश दिए गए थे। ग्रामीणों की इस सामूहिक मुहिम ने यह साबित कर दिया है कि यदि नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों, तो प्रशासन को उनकी मांगों पर ध्यान देने के लिए बाध्य होना पड़ता है।
क्या है परिवहन विभाग की कार्ययोजना?
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, उरई डिपो द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और यात्रियों की संख्या को देखते हुए 26 सीटर बस को ही उपयुक्त पाया गया है। विभाग ने इस रूट के लिए बस संचालन का प्रस्ताव तैयार कर सक्षम स्तर के अधिकारियों के पास स्वीकृति के लिए भेज दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, उरई डिपो के बेड़े में जैसे ही नई 26 सीटर बसें प्राप्त होंगी, प्राथमिकता के आधार पर कुठौंदा बुजुर्ग मार्ग पर इनका संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम न केवल ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी सहायक सिद्ध होगा।
ग्रामीणों में खुशी की लहर
जैसे ही ग्रामीणों को बस सेवा का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की सूचना मिली, क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी वर्षों की तपस्या और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। अब उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही बस सेवा शुरू हो जाएगी, जिससे मुख्य शहर से उनका सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा।
इस उपलब्धि ने जालौन के अन्य उपेक्षित क्षेत्रों के निवासियों के लिए भी एक मिसाल पेश की है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से संभव है। अब सबकी निगाहें शासन की अंतिम स्वीकृति और नई बसों के उरई डिपो पहुँचने पर टिकी हैं।







