मानवता की मिसाल: कुठौंद में भीषण गर्मी के बीच समाजसेवियों ने संभाला मोर्चा, राहगीरों के लिए शुरू की शीतल प्याऊ सेवा

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कुठौंद (जालौन)। बुंदेलखंड के जालौन जनपद में सूरज के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। पारा चढ़ने के साथ ही प्यास से बेहाल राहगीरों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में कुठौंद कस्बे के समाजसेवियों ने एक सराहनीय और अनुकरणीय पहल की है। कस्बे के प्रमुख चौराहे और थाने के सामने सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे अब राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भीषण तपिश के बीच शुद्ध और शीतल पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
थाना परिसर के समीप रणनीतिक स्थान का चयन
कस्बे के समाजसेवियों ने आपसी सहयोग से थाना कुठौंद के ठीक सामने इस प्याऊ को स्थापित किया है। यह स्थान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ से प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीर, ग्रामीण और मुसाफिर गुजरते हैं। प्याऊ पर एक विशाल पानी की टंकी स्थापित की गई है, जिसे विशेष रूप से स्वच्छ और ठंडा रखने के लिए व्यवस्थित किया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्याऊ के शुरू होने से बाजार आने वाले ग्रामीणों को अब पानी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
इन प्रमुख समाजसेवियों का रहा विशेष योगदान
इस पुनीत कार्य को धरातल पर उतारने के लिए कस्बे के गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस सामाजिक अभियान के सूत्रधारों में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अनुरुद्ध द्विवेदी, प्रख्यात चिकित्सक डॉ. सुरेन्द्र सिंह राजावत, पंकज शुक्ला, और अभय दुबे जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही राघवेंद्र सिंह, कमलेश, रामू दुबे, राजेश द्विवेदी, राकेश कुमार पुरवार, रामनारायण और अनूप मिश्रा सहित कई अन्य युवाओं और बुजुर्गों ने भी अपना श्रम और संसाधन समर्पित किया है।
निरंतरता और शुद्धता पर विशेष ध्यान
अक्सर देखा जाता है कि प्याऊ शुरू तो कर दिए जाते हैं लेकिन रखरखाव के अभाव में बंद हो जाते हैं। इस समस्या को देखते हुए समाजसेवियों की टीम ने एक ठोस योजना बनाई है। टीम ने सामूहिक रूप से यह जिम्मेदारी ली है कि प्रतिदिन सुबह निर्धारित समय पर टंकी की सफाई सुनिश्चित की जाएगी और उसमें ताज़ा पानी भरवाया जाएगा। डॉ. सुरेन्द्र सिंह राजावत ने बताया, “हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तेज गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच कोई भी व्यक्ति प्यासा न रहे। प्यासे को पानी पिलाना ही सबसे बड़ी सेवा है और हम इसे पूरे मौसम जारी रखेंगे।”
क्षेत्र में सराहना और सकारात्मक प्रतिक्रिया
इस पहल की गूंज पूरे कुठौंद ब्लॉक में सुनाई दे रही है। राहगीरों का कहना है कि जब सरकारी नल और हैंडपंप जवाब दे रहे हैं, ऐसे में समाजसेवियों द्वारा ठंडे पानी की यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं है। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और इसे ‘मानवता की सच्ची सेवा’ करार दिया है। जालौन जनपद में इस तरह की सामूहिक भागीदारी अन्य कस्बों के लिए भी एक प्रेरणा बन रही है।







