जालौन: आर्थिक तंगी और पिता की बीमारी ने छीनी घर के इकलौते चिराग की मुस्कान; 32 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर दी जान

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन/कोटरा: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के थाना कोटरा अंतर्गत ग्राम खदानी कोटरा से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक 32 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर आर्थिक तंगी और गंभीर मानसिक तनाव के चलते अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी छीन लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा था राजकिशोर
मृतक की पहचान 32 वर्षीय राजकिशोर खंगार पुत्र गुलाब सिंह के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजकिशोर अपने पिता का इकलौता पुत्र था और पूरे घर की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। पिछले काफी समय से उसके पिता गुलाब सिंह लकवा (Paralysis) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। पिता के इलाज के खर्च और घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के संघर्ष ने राजकिशोर को गहरे मानसिक तनाव में धकेल दिया था। परिवार की माली हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसे लेकर वह अक्सर चिंतित रहता था।
सोमवार की दोपहर जब पसर गया सन्नाटा
घटना सोमवार दोपहर करीब एक बजे की है। बताया जा रहा है कि उस समय घर के अन्य सदस्य अपने-अपने कार्यों में व्यस्त थे। इसी बीच राजकिशोर ने सूना मौका पाकर कमरे के अंदर फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब परिवार का कोई सदस्य कमरे की ओर गया, तो राजकिशोर का शव फंदे से लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, लेकिन तब तक राजकिशोर की सांसें थम चुकी थीं। घर में अफरा-तफरी और मातम का माहौल छा गया।
मासूम बच्चों और बीमार पिता का क्या होगा?
राजकिशोर की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल उसके पीछे छूटे परिवार के भविष्य पर खड़ा हो गया है। मृतक के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र महज 7 वर्ष और 5 वर्ष है। पिता की बीमारी और अब इकलौते कमाऊ सदस्य की मृत्यु ने परिवार को गहरे सदमे और अनिश्चितता के अंधकार में डाल दिया है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं, क्योंकि राजकिशोर एक शांत स्वभाव का युवक माना जाता था।
पुलिस की कार्यवाही और विधिक प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने ‘यूपी 112’ पर पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर कोटरा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों के बयान दर्ज किए और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार:
”प्रथम दृष्टया मामला आर्थिक तंगी के कारण उपजे तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के तकनीकी कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।”
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाओं के भारी बोझ के कारण पैदा होने वाले मानसिक दबाव की ओर इशारा किया है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।







