जालौन: अंबेडकर जयंती के दिन खुशियों के बीच मातम, चंदा एकत्र कर रहे 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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जालौन के कुठौंद में अंबेडकर जयंती के दिन युवक की संदिग्ध मौत के बाद विलाप करते परिजन और मौके पर जांच करती पुलिस

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

जालौन। जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शहजादेपुर में उस वक्त खुशियां मातम में बदल गईं, जब संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे एक 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक युवक की पहचान अमरेंद्र सिंह उर्फ रोहित (पुत्र नरेंद्र कुमार) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

कार्यक्रम की तैयारी के दौरान बिगड़ी तबीयत

​प्राप्त विवरण के अनुसार, अमरेंद्र सिंह अंबेडकर जयंती के अवसर पर गांव में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम को लेकर बेहद उत्साहित था। वह सुबह से ही गांव के अन्य युवाओं के साथ मिलकर कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए चंदा एकत्र कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसके पेट में असहनीय दर्द उठा। देखते ही देखते उसकी स्थिति काफी नाजुक हो गई। पुत्र की बिगड़ती हालत देख पिता नरेंद्र कुमार आनन-फानन में उसे कुठौंद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुँचते ही चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

शिक्षित युवक और परिवार का सहारा था अमरेंद्र

​अमरेंद्र सिंह के असामयिक निधन ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि अमरेंद्र एक होनहार और शिक्षित युवक था, जिसने विज्ञान वर्ग से स्नातक (B.Sc) की पढ़ाई पूरी की थी। शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद वह गांव में ही रहकर अपने पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाता था। परिवार के पास लगभग तीन बीघा कृषि भूमि है, जिस पर अमरेंद्र जी-जान से मेहनत करता था। वह अपने माता-पिता और छोटे भाई का मुख्य सहारा था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी, जिससे परिजनों की उम्मीदें उससे और भी ज्यादा जुड़ी हुई थीं।

सुबह तक था पूरी तरह स्वस्थ, परिजनों में गहरा शोक

​परिजनों ने बताया कि सुबह तक अमरेंद्र पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य था। उसने परिवार के सभी सदस्यों के साथ हंसी-खुशी नाश्ता किया और फिर अंबेडकर जयंती के काम में जुट गया। अचानक ऐसा क्या हुआ कि चंद घंटों के भीतर उसकी जान चली गई, यह सवाल हर किसी को झकझोर रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि अमरेंद्र मिलनसार स्वभाव का युवक था और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहता था।

पुलिसिया कार्रवाई और पोस्टमार्टम का इंतजार

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कुठौंद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला अचानक तबीयत बिगड़ने का लग रहा है, लेकिन मौत के सटीक कारणों की पुष्टि केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही की जा सकेगी।

​पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, शहजादेपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम को सादगी के साथ स्थगित कर दिया गया है।

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