जालौन: गुमशुदा किशोर की हत्या का सनसनीखेज खुलासा; पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के पैर में लगी गोली

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
माधौगढ़ (जालौन) : जनपद के माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रुद्रपुरा में पिछले कई दिनों से लापता किशोर की निर्मम हत्या का मामला अब पुलिस मुठभेड़ और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। बुधवार को पुलिस ने पशु बाड़े की मिट्टी में दबे किशोर के कंकाल को बरामद करने के बाद, देर रात हुई एक मुठभेड़ में मुख्य आरोपी को गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इसे अपनी बड़ी सफलता मान रही है, जबकि क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी तनाव और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
शराब के विवाद में हुई थी निर्मम हत्या
मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों, रोहित (22) और तेज प्रताप सिंह उर्फ तेजा (24), ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। जानकारी के अनुसार, बीती 26 मार्च को रोहित के पशु बाड़े में शराब पीने के दौरान कमल प्रताप सिंह उर्फ कुक्के के साथ इन दोनों का किसी बात पर विवाद हो गया था। आवेश में आकर आरोपियों ने पास पड़ी कांच की बोतल से कमल पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने की नियत से उन्होंने शव को बोरे में भरकर बाड़े के अंदर ही मिट्टी में दबा दिया था और उसका मोबाइल भी कहीं छिपा दिया था।
लापता होने के 15 दिन बाद मिला नरकंकाल
ज्ञात हो कि ग्राम रुद्रपुरा निवासी परमाल सिंह ने 27 मार्च को माधौगढ़ कोतवाली में अपने पुत्र कमल प्रताप सिंह के लापता होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर किशोर की तलाश शुरू की थी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही थी। 8 अप्रैल को जब पुलिस ने संदेह के आधार पर रोहित के बाड़े की तलाशी ली, तो वहाँ मिट्टी के नीचे दबा हुआ कमल का शव (कंकाल) बरामद हुआ। इस बरामदगी के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस मुठभेड़ और ‘हाफ एनकाउंटर’ का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों को जब हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल और मृतक का मोबाइल बरामद कराने के लिए जंगल की ओर ले जाया जा रहा था, तभी मुख्य आरोपी रोहित ने झाड़ियों में छिपाकर रखा हुआ एक देशी तमंचा निकाल लिया और पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर झोंक दिया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली रोहित के पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़ा। वहीं, दूसरे आरोपी तेज प्रताप ने मौके की नजाकत देखते हुए सरेंडर कर दिया। घायल आरोपी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:
- एक 315 बोर का देशी तमंचा और एक खोखा कारतूस।
- हत्या में प्रयुक्त की गई कांच की टूटी बोतल।
- मृतक और आरोपियों के कुल तीन मोबाइल फोन।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या, साक्ष्य मिटाने और पुलिस टीम पर हमला करने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है ताकि अदालत में ठोस पैरवी कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस कार्यवाही से जहाँ पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं इलाके में पुलिस के “सख्त एक्शन” को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।







