जालौन: अप्रैल में संचारी रोगों पर वार, जिलाधिकारी ने ‘दस्तक अभियान’ को लेकर कसी कमर; लापरवाही पर मिलेगी कड़ी चेतावनी

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन)। उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए जनपद जालौन के जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कमर कस ली है। आगामी अप्रैल माह में शुरू होने वाले ‘विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ और ‘दस्तक अभियान’ की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में सभी संबंधित विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि बीमारियों के खिलाफ इस जंग में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान का खाका: 1 अप्रैल से शुरू होगा महाभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बैठक में अभियान की समय-सारणी प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाया जाएगा। वहीं, घर-घर जाकर मरीजों की पहचान करने वाला दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित होगा। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य मच्छरों से पैदा होने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और दिमागी बुखार (जेई/एईएस) के प्रसार को रोकना है।
ई-कवच पोर्टल पर दर्ज होगा हर संदिग्ध का डेटा
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इस अभियान की मुख्य धुरी होंगी। वे घर-घर जाकर बुखार, इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (ILI), क्षय रोग (TB), डायरिया, मलेरिया और कालाजार जैसे लक्षणों वाले मरीजों की पहचान करेंगी। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि पहचान किए गए हर संदिग्ध व्यक्ति का विवरण तत्काल ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि स्वास्थ्य विभाग उनकी ट्रैकिंग कर समय से उपचार सुनिश्चित कर सके।
साफ-सफाई और जलभराव पर विशेष फोकस
बीमारियों की जड़ पर प्रहार करने के लिए जिलाधिकारी ने नगर निकायों और ग्राम्य विकास विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि:
- शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई और कचरा निस्तारण सुनिश्चित हो।
- जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां तत्काल निस्तारण किया जाए।
- मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए नियमित अंतराल पर फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव कराया जाए।
- खराब हैंडपंपों की मरम्मत और पेयजल स्रोतों की क्लोरिनेशन जांच को प्राथमिकता दी जाए।
स्वास्थ्य शिक्षा और जन-जागरूकता
डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि केवल दवाओं और छिड़काव से बीमारियां नहीं रुकेंगी, इसके लिए जन-भागीदारी आवश्यक है। दस्तक अभियान के तहत लोगों को यह सिखाया जाएगा कि ‘क्या करें और क्या न करें’। बुखार होने पर झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाने के बजाय सरकारी अस्पताल जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर 102 और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से निःशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
विभागीय समन्वय और उपस्थिति
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की स्वयं मॉनिटरिंग करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीरेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश, सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।







