जालौन: किन्नर समुदाय में छिड़ा ‘वर्चस्व और हक’ का संग्राम; शिष्यों ने गुरु पर लगाया कमाई हड़पने और प्रताड़ना का गंभीर आरोप

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
जालौन। जनपद के उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला फड़नवीस में किन्नर समुदाय के भीतर चल रहा आंतरिक कलह अब सड़क पर आ गया है। समुदाय की कई पीड़ित महिलाओं (किन्नरों) ने अपने ही ‘गुरु’ के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए उन पर आर्थिक शोषण, शारीरिक हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनकी गाढ़ी कमाई को डकारने के साथ-साथ अब उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। न्याय की उम्मीद में इन किन्नरों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मेहनत की कमाई और गुरु का ‘कड़ा’ पहरा
मामले की जड़ में आर्थिक विवाद और वर्चस्व की लड़ाई बताई जा रही है। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे पीड़ित किन्नरों—जिनमें नेहा, खुशी, मधु उर्फ भानु प्रताप सिंह, शिवानी उर्फ शिवम, रेनू और राजू शामिल हैं—ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वे वर्षों से अपनी गुरु रेखा किन्नर के सानिध्य में रह रहे थे। परंपरा के अनुसार, वे गुरु के निर्देशों पर गांव-गांव और कस्बों में जाकर मांगलिक अवसरों पर गाना-बजाना और नाच-गाना करते थे। इससे जो भी आय होती थी, वह सामूहिक आजीविका के लिए गुरु के पास जमा होती थी।
हिंसा और बेदखली: हक मांगने पर मिली सजा
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी दिन-रात की मेहनत की कमाई में से अपना उचित हिस्सा मांगा, तो गुरु का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। आरोप के मुताबिक, गुरु रेखा किन्नर और उनके सहयोगी विजय ने न केवल उनकी राशि देने से इनकार कर दिया, बल्कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी की। हद तो तब हो गई जब उन्हें घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़ितों ने स्पष्ट रूप से कहा कि रेखा और विजय उनकी पूरी जमा पूंजी हड़प चुके हैं और विरोध करने पर उन्हें समाज में बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
साजिश और सुरक्षा का संकट
प्रशासन को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी गुरु उन्हें झूठे मुकदमों और चोरी के इल्जाम में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। वर्तमान में ये सभी किन्नर खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि वे दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और उनके पास जीवन यापन के लिए कोई साधन नहीं बचा है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित इस ज्ञापन के माध्यम से पीड़ितों ने मांग की है कि:
- मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी गुरु रेखा और उनके सहयोगियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- पीड़ितों की रोकी गई मेहनत की कमाई उन्हें वापस दिलाई जाए।
- उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि वे बिना किसी भय के अपना जीवन व्यतीत कर सकें।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील और सामाजिक पेचीदगियों वाले मामले में क्या रुख अपनाता है। फिलहाल, इस घटना ने जिले में किन्नर समुदाय के आंतरिक प्रशासन और गुरु-शिष्य परंपरा के बीच पनप रहे विवादों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।







