जालौन: रामनवमी और ईद-उल-फितर को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर, डीएम-एसपी ने परखीं तैयारियां

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
उरई (जालौन): आगामी रामनवमी और ईद-उल-फितर के पावन पर्वों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए जालौन जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। बुधवार को विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में त्योहारों के दौरान कानून व्यवस्था, नागरिक सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद के सभी प्रमुख मंदिरों, मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन स्थलों को चिन्हित करने को कहा जहां श्रद्धालुओं और नमाजियों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। जिलाधिकारी ने कहा, “धार्मिक स्थलों के आसपास पेयजल, उचित प्रकाश व्यवस्था और सचल शौचालयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।”
इसके साथ ही, नगर निकायों को निर्देशित किया गया कि वे कूड़ा निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाएं और त्योहारों के दौरान नगर की सड़कों पर गंदगी न दिखने पाए।
सीसीटीवी से होगी तीसरी आंख की निगरानी
सुरक्षा मानकों पर जोर देते हुए प्रशासन ने तकनीकी निगरानी को अनिवार्य कर दिया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी संवेदनशील धार्मिक स्थलों और प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहने चाहिए। नियंत्रण कक्ष (Control Room) के माध्यम से इनकी सतत निगरानी की जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु के दिखने पर तत्काल पुलिस रिस्पांस टीम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्बाध बिजली, स्वास्थ्य और अग्नि सुरक्षा के निर्देश
त्योहारों के दौरान जनजीवन सामान्य बना रहे, इसके लिए विद्युत विभाग को रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखते हुए सीएमओ को निर्देश दिए गए कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपलब्धता रहे और आपातकालीन स्थिति के लिए एम्बुलेंस को ‘स्टैंडबाय’ मोड पर रखा जाए। वहीं, अग्निशमन विभाग को भी भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का सख्त पहरा और यातायात प्रबंधन
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचते हुए बताया कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा, “बाजारों, मंदिरों और ईदगाहों के पास पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे ताकि शरारती तत्वों पर नजर रखी जा सके।”
यातायात व्यवस्था को लेकर एसपी ने निर्देश दिया कि प्रमुख मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाए ताकि जाम की स्थिति पैदा न हो। वाहनों की पार्किंग के लिए भी स्थान पूर्व में ही चिन्हित करने के आदेश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल को 24 घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली किसी भी पोस्ट पर तत्काल लगाम लगाई जा सके।
इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. बीरेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राम अयोध्या प्रसाद समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।







