रील के लिए मौत से खिलवाड़: उरई में स्टेट हाईवे पर नाबालिगों ने की दुस्साहस की हदें पार, वीडियो वायरल

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उरई जालौन के स्टेट हाईवे पर एक स्कूटी पर सवार चार नाबालिग बच्चे खतरनाक स्टंट करते और रील बनाते हुए, पीछे से आते भारी वाहन

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD

उरई, जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ बटोरने की अंधी दौड़ अब जानलेवा साबित हो रही है। ताजा मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चुंगी नंबर चार स्थित स्टेट हाईवे का है, जहाँ कुछ नाबालिग किशोरों ने सड़क सुरक्षा के नियमों को ताक पर रखकर मौत के साथ खतरनाक खेल खेला। इन किशोरों द्वारा किए गए स्टंट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने पुलिस प्रशासन और अभिभावकों की भूमिका पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

एक स्कूटी, चार सवार और भारी वाहनों के बीच खतरनाक लहरिया कट

​वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक ही स्कूटी पर चार किशोर सवार हैं। यह न केवल कानूनन ‘ओवरलोडिंग’ है, बल्कि किशोर जिस रफ्तार से व्यस्त हाईवे पर स्कूटी को लहरा (Zig-zag driving) रहे हैं, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। स्टेट हाईवे पर भारी ट्रकों और बसों की निरंतर आवाजाही के बीच नाबालिगों का यह दुस्साहस किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देता नजर आ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये किशोर केवल मोबाइल कैमरे के लिए यह करतब कर रहे थे ताकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रील अपलोड कर सकें।

स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश

​इस घटना ने स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भयभीत और आक्रोशित कर दिया है। क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि यह मार्ग जनपद के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक है। यहाँ से चौबीसों घंटे भारी वाहनों का काफिला गुजरता है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि महज कुछ सेकंड की रील बनाने के लिए ये बच्चे न सिर्फ अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं, बल्कि हाईवे पर चल रहे अन्य निर्दोष लोगों के लिए भी काल बन सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि नाबालिगों के पास वाहन की चाबी पहुँची कैसे?

क्या कहता है कानून? ट्रैफिक विशेषज्ञों की राय

​ट्रैफिक विशेषज्ञों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के संशोधित नियमों के अनुसार, नाबालिग द्वारा वाहन चलाना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। विशेषज्ञों के मुताबिक:

  • ​यदि कोई अभिभावक अपने नाबालिग बच्चे को वाहन चलाने के लिए देता है, तो वाहन के मालिक/अभिभावक पर भारी जुर्माने के साथ कारावास का भी प्रावधान है।
  • ​ऐसे मामलों में वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है और नाबालिग का ड्राइविंग लाइसेंस 25 वर्ष की आयु तक नहीं बन सकता।

प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग

​घटना के बाद उरई के सजग नागरिकों ने जालौन पुलिस और जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों की मांग है कि:

  1. ​हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर स्कूटी का नंबर ट्रेस किया जाए और संबंधितों पर कठोर चालान किया जाए।
  2. ​चुंगी नंबर चार जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
  3. ​अभियान चलाकर स्टंट करने वालों और नियम तोड़ने वाले नाबालिगों के खिलाफ सख्त संदेश दिया जाए।

​इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिकता और डिजिटल प्रसिद्धि की चाहत में हम अपनी अगली पीढ़ी को किस दिशा में धकेल रहे हैं।

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