जालौन: नाबालिग बेटे की संदिग्ध मौत पर पिता की न्याय के लिए जंग, एसपी से लगाई हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की गुहार

रिपोर्ट : राहुल, जालौन।UP SAMVAD
कोंच/(जालौन)। जनपद के गोहन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नबीपुर में एक 15 वर्षीय नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में पीड़ित पिता ने पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अब सीधे पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया है। पिता का स्पष्ट आरोप है कि उनके बेटे का न केवल अपहरण किया गया, बल्कि नामजद आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
क्या है पूरा मामला: 5 मार्च से शुरू हुई अनहोनी की दास्तां
ग्राम नबीपुर निवासी नईम खान पुत्र स्व. अब्दुल हफीज के अनुसार, उनका 15 वर्षीय पुत्र फहीम बीते 5 मार्च 2026 को घर से यह कहकर निकला था कि वह पास के ही ग्राम सरावन जा रहा है। हालांकि, रास्ते में वह ग्राम बदनपुरा पहुंच गया। पिता का दावा है कि बदनपुरा से ही उनके पुत्र का अपहरण कर लिया गया था। शुरुआत में अनहोनी की आशंका जताते हुए नईम खान ने थाना गोहन में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह तलाश एक दुखद अंत पर खत्म होगी।
खंती में मिला शव: शरीर पर थे चोट और बांधने के निशान
पुलिस की तलाश के दौरान फहीम का शव सड़क किनारे स्थित एक गहरी खंती (नाले) से बरामद किया गया। पिता नईम खान ने जब अपने बेटे का शव देखा, तो उनके होश उड़ गए। परिजनों का आरोप है कि शव का रंग नीला पड़ चुका था और फहीम के दोनों हाथों पर रस्सी से बांधने के स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे थे। इन साक्ष्यों के आधार पर परिजनों का दावा है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना या मौत नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है।
नामजद आरोपियों पर गंभीर आरोप: फोन कॉल बना अहम कड़ी
पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में ग्राम बदनपुरा निवासी सुंदर सिंह उर्फ बल्लू दोहरे, विक्रम, प्रमोद और मंगल पुत्रगण राजेश दोहरे पर सीधे आरोप लगाए हैं। नईम खान का कहना है कि:
”घटना से कुछ समय पहले मेरी मेरे बेटे से फोन पर बात हुई थी। उस वक्त उसने मुझे बताया था कि वह सुंदर सिंह उर्फ बल्लू के घर पर ही मौजूद है। उसके बाद से उसका फोन बंद हो गया और फिर उसका शव मिला।”
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने फहीम को अपने घर में बंधक बनाकर रखा और फिर हत्या कर शव को साक्ष्य मिटाने की नियत से खंती में फेंक दिया।
प्रशासनिक आश्वासन और अब तक की कार्रवाई
इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। इससे पूर्व क्षेत्राधिकारी (CO) माधौगढ़ को भी शिकायती पत्र देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि आश्वासन के सिवा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर नहीं दिखी है, जिससे आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
इस पूरे प्रकरण पर पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने संजीदगी दिखाते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पहले अज्ञात के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था, लेकिन शव मिलने और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने अब बल्लू और प्रमोद समेत अन्य के खिलाफ हत्या की धाराओं में जांच शुरू कर दी है। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
न्याय की आस में बूढ़ा पिता
फिलहाल, नबीपुर गांव में सन्नाटा पसरा है और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी नजर बनाए हुए है। नईम खान को उम्मीद है कि जिले के आला अधिकारी उनके बेटे के कातिलों को सलाखों के पीछे भेजेंगे। अब सबकी नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आगामी तफ्तीश पर टिकी हैं कि क्या पुलिस उन ‘रस्सी के निशानों’ और ‘आखिरी फोन कॉल’ के आधार पर आरोपियों के गिरेबान तक पहुंच पाती है या नहीं।







